
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विजयादशमी के अवसर पर देहरादून के परेड ग्राउंड में बन्नू बिरादरी की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं दीं और सभी के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी का पर्व हमें सत्य की शक्ति और धर्म के महत्व का एहसास कराता है। भगवान श्रीराम के जीवन और रावण के अंत से यह सीख मिलती है कि अहंकार और अधर्म चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, आखिर में जीत सत्य और धर्म की ही होती है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने जीवन और आचरण से त्याग, संयम, कर्तव्यपालन और मर्यादा के ऐसे आदर्श पेश किए, जो आज भी हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा हैं। दशहरा सिर्फ रावण के पुतले का दहन करने तक सीमित नहीं है। यह खुद के भीतर झांकने, अपनी गलतियों को पहचानने और आत्मशुद्धि करने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि विजयादशमी का वास्तविक संदेश तभी सार्थक होगा, जब लोग भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारेंगे और सत्य, धर्म तथा कर्तव्य के रास्ते पर चलने का प्रयास करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आज परेड ग्राउंड, देहरादून में बन्नू बिरादरी द्वारा आयोजित दशहरा महोत्सव में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी का पर्व हमें सत्य की शक्ति और धर्म की महत्ता का स्मरण कराता है। भगवान श्रीराम और रावण के प्रसंग से यह सीख मिलती है कि अहंकार और अधर्म चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है।भगवान श्रीराम ने अपने आचरण से त्याग, संयम, कर्तव्यपालन और मर्यादा के ऐसे आदर्श स्थापित किए, जो आज भी प्रत्येक व्यक्ति का मार्गदर्शन करते हैं।उन्होंने कहा कि दशहरा केवल रावण के पुतले के दहन का पर्व नहीं, बल्कि आत्ममंथन और आत्मशुद्धि का अवसर भी है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द की रक्षा करते हुए प्रदेश में शांति, सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया है, जिसके अंतर्गत 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है। सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों से क्षतिपूर्ति वसूलने के उद्देश्य से सख्त दंगारोधी कानून लागू किया गया है। धर्म और आस्था के नाम पर लोगों को गुमराह करने तथा धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना आवश्यक है। बच्चों में ज्ञान, नवाचार और तार्किक सोच विकसित कर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए निवेश, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों का विस्तार जरूरी है। स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक विकास के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हों और प्रदेश की विकास यात्रा में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरित रामराज्य की अवधारणा न्याय, सुशासन, समानता और जनकल्याण पर आधारित है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। विकास के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक परंपराओं और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे विजयादशमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ऐसे उत्तराखण्ड का निर्माण किया जा सकता है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को न्याय मिले, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हों, महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिले और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। यही भगवान श्रीराम के आदर्शों के प्रति सच्ची श्रद्धा और विजयादशमी के पर्व का वास्तविक संदेश है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास, बन्नू बिरादरी के पदाधिकारी एवं सदस्य, आयोजन समिति के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
— CM Office Uttarakhand (@ukcmo) October 20, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए राज्य में व्यापक अभियान चलाया गया है। इस अभियान के तहत 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराया जा चुका है।
धामी ने यह भी कहा कि सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों से क्षतिपूर्ति वसूलने के लिए राज्य में सख्त दंगारोधी कानून लागू किया गया है। वहीं, धर्म और आस्था के नाम पर लोगों को गुमराह करने या उनके साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बच्चों की शिक्षा को लेकर कहा कि प्रदेश के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा मिलनी चाहिए। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जो बच्चों में ज्ञान बढ़ाने के साथ नवाचार और तार्किक सोच को भी मजबूत करे। उन्होंने कहा कि आज के बच्चों को आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करना जरूरी है। इसके लिए शिक्षा में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की आर्थिक प्रगति के लिए निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा देना जरूरी है। इसके साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) की भूमिका को अहम बताया। धामी के मुताबिक, ये सभी राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं। सरकार का प्रयास है कि विकास का फायदा समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे और आर्थिक प्रगति के साथ युवाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलें।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरित रामराज्य की अवधारणा न्याय, सुशासन, समानता और जनकल्याण पर आधारित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक परंपराओं और प्राकृतिक विरासत को बचाए रखना भी उतना ही जरूरी है। सरकार का उद्देश्य ऐसा विकास करना है, जिसमें उत्तराखंड की परंपराएं और उसकी विशिष्ट पहचान भी सुरक्षित रहें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे विजयादशमी के अवसर पर भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने और सत्य, धर्म, मर्यादा तथा कर्तव्यनिष्ठा के रास्ते पर चलने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ऐसा उत्तराखंड बनाया जा सकता है, जहां हर व्यक्ति को न्याय मिले, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलें और महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिले। साथ ही, विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। धामी ने कहा कि यही भगवान श्रीराम के आदर्शों के प्रति सच्ची श्रद्धा और विजयादशमी के पर्व का वास्तविक संदेश है।
देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित इस दशहरा महोत्सव में कैबिनेट मंत्री खजान दास भी मौजूद रहे। इसके अलावा बन्नू बिरादरी के पदाधिकारी और सदस्य, आयोजन समिति के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
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