
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली को पहले से ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी बनाने की दिशा में कई अहम फैसले लिए हैं। प्राधिकरण में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान ऑनलाइन मानचित्र पत्रावलियों के निस्तारण, तकनीकी खामियों, डिजिटल डाटा सुरक्षा और वित्तीय मॉड्यूल की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक की अध्यक्षता उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिस्टम में मौजूद तकनीकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी आवेदक को तकनीकी कारणों से बेवजह परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही लंबित पत्रावलियों का तय समय-सीमा में निस्तारण करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में जानकारी सामने आई कि ऑनलाइन प्राप्त कुल 399 मानचित्र पत्रावलियां समय-सीमा पूरी होने के बाद सिस्टम में आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण स्वतः Auto Reject या Deemed Approved की श्रेणी में चली गई थीं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने निर्देश दिया कि ऐसी सभी पत्रावलियों को मौजूदा स्थिति में निरस्त किया जाए और संबंधित आवेदकों से उन्हें दोबारा Resubmit कराया जाए। इसके बाद प्रत्येक आवेदन पर नियमों के अनुसार ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि तकनीकी खामी का नुकसान किसी आवेदक को नहीं होना चाहिए। पूरी व्यवस्था ऐसी बनाई जाए कि मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया तय समय में और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी हो।
बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में एक ही आवेदन के बदले सिस्टम में दोहरी यानी Duplicate Files स्वतः तैयार हो रही हैं। इस पर अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इस तकनीकी समस्या की जांच कर प्रभावित पत्रावलियों को जल्द ठीक किया जाए। साथ ही सिस्टम में ऐसा स्थायी समाधान विकसित किया जाए जिससे भविष्य में किसी एक आवेदन के लिए दोबारा डुप्लीकेट फाइल तैयार न हो।
मानचित्र पत्रावलियों के समय पर निस्तारण के लिए एमडीडीए अब ऑनलाइन प्रणाली में नई Alert सुविधा भी जोड़ने जा रहा है। इसके तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को समय-सीमा पूरी होने से पहले Pop-up, Notification और Alert के जरिए जानकारी मिलेगी कि कौन-सी पत्रावलियां लंबित हैं। इससे संबंधित अधिकारी समय रहते कार्रवाई कर सकेंगे और Auto Reject या Deemed Approved जैसी स्थिति बनने से पहले ही फाइलों का निस्तारण हो सकेगा।
बैठक में डिजिटल डाटा की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि एमडीडीए का अपना Dedicated Server विकसित किया जाए ताकि महत्वपूर्ण डाटा को साइबर हमलों और अन्य तकनीकी जोखिमों से सुरक्षित रखा जा सके। इसके साथ सुरक्षित Backup System तैयार करने पर भी जोर दिया गया, जिससे किसी भी आपात स्थिति में डाटा सुरक्षित बना रहे।
एमडीडीए अब अपने कामकाज को और तेज बनाने के लिए AI आधारित एप्लिकेशन और सिस्टम भी विकसित करेगा। इस प्रणाली में प्राधिकरण से जुड़े जरूरी डाटा और अभिलेख एकीकृत रूप से उपलब्ध रहेंगे। अधिकारियों को किसी भी जानकारी के लिए अलग-अलग रिकॉर्ड खंगालने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि एक ही सर्च के जरिए संबंधित जानकारी तुरंत मिल सकेगी। इससे रिकॉर्ड प्रबंधन भी पहले से ज्यादा व्यवस्थित होगा।
बैठक में वित्तीय मॉड्यूल की समीक्षा करते हुए उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि प्रतिदिन होने वाली सभी वित्तीय प्रविष्टियों और संबंधित पत्रावलियों का Reconciliation उसी दिन पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी वित्तीय मामले को अगले दिन तक लंबित नहीं छोड़ा जाना चाहिए। इसके अलावा प्राधिकरण की लंबित Balance Sheets को भी प्राथमिकता के आधार पर तैयार कर अपडेट करने के निर्देश दिए गए। उनका कहना था कि डिजिटल व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ वित्तीय कार्यप्रणाली में भी पारदर्शिता और जवाबदेही बराबर बनी रहनी चाहिए।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि एमडीडीए की प्राथमिकता ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। उन्होंने कहा कि तकनीकी कारणों से किसी भी आवेदक को अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी। 399 प्रभावित पत्रावलियों को दोबारा प्रस्तुत कराने के निर्देश दिए गए हैं। डुप्लीकेट फाइलों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा। समय-सीमा से पहले अधिकारियों को अलर्ट मिलेगा, डाटा सुरक्षा के लिए Dedicated Server बनाया जाएगा और AI आधारित सिस्टम विकसित किया जाएगा। साथ ही वित्तीय कार्यों में प्रतिदिन Reconciliation और लंबित Balance Sheets को अपडेट करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए तकनीकी कमियों की पहचान कर उनका समाधान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में पत्रावलियों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही डाटा सुरक्षा, वित्तीय पारदर्शिता और डिजिटल सेवाओं को मजबूत बनाने पर भी लगातार काम किया जा रहा है।
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