Uttarakhand News: रूस में फंसे दो भाई लौटे, CM धामी के प्रयास से बची जान

Published : Aug 12, 2026, 12:04 PM IST
pushkar singh dhami helped pithoragarh brothers return from russia

सार

रूस में 97 दिनों से फंसे पिथौरागढ़ के दो भाई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हस्तक्षेप, विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के प्रयासों से सुरक्षित घर लौटे।

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के रहने वाले दो भाई, आनंद सिंह कार्की और भूपेंद्र सिंह कार्की, करीब 97 दिनों तक रूस में फंसे रहने के बाद आखिरकार सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। उनकी सकुशल वापसी से परिवार में खुशी का माहौल है। इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हस्तक्षेप और राज्य सरकार के लगातार प्रयासों को अहम माना जा रहा है।

दोनों भाइयों के घर लौटने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनसे फोन पर बात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और परिवार से भी बातचीत की। लंबे इंतजार और चिंता के बाद बेटों की वापसी से परिवार ने राहत जताई और मुख्यमंत्री के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया।

Job Scam Alert: रोजगार के नाम पर विदेश भेजे गए, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

परिजनों के अनुसार, दोनों भाइयों को सितारगंज की एक ट्रैवल एजेंसी ने विदेश में बेहतर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। आरोप है कि रोजगार उपलब्ध कराने के नाम पर उनसे करीब 8 लाख रुपये लिए गए और इसके बाद उन्हें रूस भेज दिया गया। जानकारी के मुताबिक, आनंद सिंह कार्की और भूपेंद्र सिंह कार्की 5 मई 2026 को भारत से रवाना हुए थे और अगले दिन यानी 6 मई को मॉस्को पहुंच गए थे। लेकिन वहां पहुंचने के बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं।

Russia Crisis: वादे के मुताबिक काम नहीं मिला, बिना वेतन कराए गए दूसरे कार्य

परिवार का कहना है कि रूस पहुंचने के बाद दोनों भाइयों को उस काम में नहीं लगाया गया जिसके लिए उन्हें भेजा गया था। इसके बजाय उनसे उनकी इच्छा के विरुद्ध अन्य कार्य कराए गए। इतना ही नहीं, उन्हें उस काम का उचित पारिश्रमिक भी नहीं दिया गया। परिजनों के मुताबिक, दोनों युवकों की गतिविधियों पर भी नियंत्रण रखा जाता था। उन्हें स्वतंत्र रूप से आने-जाने की अनुमति नहीं थी और काम करने से इनकार करने पर धमकियां दी जाती थीं। ऐसे हालात में उनका परिवार लगातार चिंता में था।

Drone Attack Fear: ड्रोन और मिसाइल हमलों की जानकारी से बढ़ी चिंता

लंबे समय तक दोनों भाइयों से नियमित संपर्क नहीं हो पा रहा था। इस कारण परिवार की बेचैनी लगातार बढ़ती रही। अंतिम बार हुई बातचीत में युवकों ने बताया था कि जिस इलाके या परिसर में उन्हें रखा गया था, उसके आसपास ड्रोन या मिसाइल हमलों की घटनाएं हो रही थीं। यह जानकारी मिलने के बाद परिजनों की चिंता और बढ़ गई थी। परिवार को लगातार उनकी सुरक्षा को लेकर डर सताने लगा था।

CM Dhami Action: मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू हुई त्वरित कार्रवाई

जब यह मामला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान में आया तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को दोनों युवकों की सुरक्षित और जल्द वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद राज्य सरकार के अधिकारियों ने विदेश मंत्रालय और रूस स्थित भारतीय दूतावास के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा। विभिन्न स्तरों पर समन्वय स्थापित कर दोनों भाइयों को सुरक्षित भारत वापस लाने की प्रक्रिया तेज की गई।

Indian Embassy Support: विदेश मंत्रालय और दूतावास के समन्वय से मिली सफलता

लगातार किए गए प्रयासों का परिणाम यह रहा कि दोनों भाइयों की सुरक्षित वापसी संभव हो सकी। करीब 97 दिनों तक विदेश में कठिन परिस्थितियों का सामना करने के बाद वे आखिरकार अपने घर लौटने में सफल रहे। परिवार ने बताया कि यह समय उनके लिए बेहद मुश्किल और मानसिक रूप से परेशान करने वाला था। हालांकि अब दोनों भाइयों की सुरक्षित वापसी से पूरे परिवार ने राहत की सांस ली है।

Uttarakhand Government: संकट में फंसे हर उत्तराखंडी की मदद करेगी सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से में यदि उत्तराखंड का कोई नागरिक संकट में फंसता है तो राज्य सरकार उसकी सहायता के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा, सम्मान और हितों की रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे मामलों में केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और संबंधित भारतीय मिशनों के साथ समन्वय स्थापित कर हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

Social Support: समाज के लोगों ने भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

दोनों युवकों की सुरक्षित वापसी के प्रयासों में उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी और समाजसेवी रामदेव वर्मा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों लगातार परिवार के संपर्क में रहे और विभिन्न स्तरों पर समन्वय बनाने में सहयोग करते रहे।

परिवार ने जताया आभार

दोनों भाइयों के सुरक्षित घर लौटने पर परिवार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास, राज्य सरकार के अधिकारियों और इस पूरे अभियान में सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया है। परिवार का कहना है कि सभी के संयुक्त प्रयासों से ही दोनों युवकों की सुरक्षित वापसी संभव हो पाई और आज वे अपने घर लौट सके हैं।

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