Uttarakhand News: रुद्रप्रयाग में गड्ढों की 'सर्जरी', 15 अक्टूबर तक चकाचक होंगी ज़िले की सड़कें

Published : Sep 14, 2026, 12:53 PM IST
Rudraprayag District Magistrate Vishal Mishra speaks on pothole-free road campaign (Photo/ANI)

सार

रुद्रप्रयाग ज़िला प्रशासन ने 15 अक्टूबर तक ज़िले की सभी सड़कों को गड्ढा-मुक्त बनाने का अभियान शुरू किया है। इसका मकसद तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए सफ़र को आसान और सुरक्षित बनाना है।

रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड)। रुद्रप्रयाग ज़िला प्रशासन ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है, जिसका लक्ष्य 15 अक्टूबर तक ज़िले की सभी खराब सड़कों को ठीक करना है। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का मकसद तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों के सफ़र को आरामदायक और बिना किसी परेशानी के बनाना है।

इस अभियान के तहत पूरे ज़िले में सड़कों की मरम्मत का काम चल रहा है। अधिकारी उन सड़कों पर नज़र रख रहे हैं जहां गड्ढे ज़्यादा हैं और जो हिस्से ज़्यादा ज़रूरी हैं, उन्हें पहले ठीक किया जा रहा है।

रुद्रप्रयाग के ज़िलाधिकारी (DM) विशाल मिश्रा ने ANI से बात करते हुए बताया कि 15 अक्टूबर तक सभी सड़कों को गड्ढा-मुक्त बनाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा,

इस बारे में मैंने अधिकारियों के साथ बैठकें की हैं और उनसे एक्शन प्लान भी लिया है। गड्ढों की मरम्मत के लिए 15 सितंबर तक टेंडर फाइनल करने और 15 अक्टूबर तक मरम्मत का काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

मिश्रा ने आगे बताया कि ज़िला स्तर के अधिकारियों को भी ज़िम्मेदारी दी गई है। वे उन सड़कों की निगरानी करेंगे जिन पर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है और साथ ही, मरम्मत के काम की क्वालिटी भी चेक करेंगे। उन्होंने कहा,

हमने ज़रूरी सड़कों और ज़्यादा गड्ढों वाली जगहों की निगरानी के लिए ज़िला-स्तरीय अधिकारी लगाए हैं। इससे हमें काम की क्वालिटी और उसके पूरा होने की स्थिति पर एक थर्ड-पार्टी रिपोर्ट मिल जाएगी।" मिश्रा ने ज़ोर देकर कहा, "ज़िला प्रशासन सड़कों को गड्ढा-मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और गंभीर कदम उठा रहा है।

इस बीच, लगातार हो रही बारिश के चलते केदारनाथ धाम का रास्ता रविवार को भी बंद रहा। चिरबासा हेलीपैड के पास मलबा और पत्थर गिरने से यह मार्ग ब्लॉक हो गया। सुरक्षा के लिहाज़ से अधिकारियों ने इस रास्ते पर तीर्थयात्रियों की आवाजाही रोक दी है।

रुद्रप्रयाग पुलिस का कहना है कि लगातार बारिश और पत्थर गिरने की वजह से रास्ता साफ़ करना अभी सुरक्षित नहीं है। केदारनाथ जा रहे तीर्थयात्रियों को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में रोक दिया गया है, जबकि लौट रहे यात्रियों को जंगल चट्टी में रोका गया है।

पिछले हफ़्ते रुद्रप्रयाग शहर और ज़िले के दूसरे पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया था।

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