
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद स्मृति दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित पुलिस लाइन में वीर पुलिस शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस जवानों के साहस, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा को याद करते हुए कहा कि शहीदों का बलिदान हमेशा देश की आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में पदोन्नति, सीधी भर्ती, स्वास्थ्य सुविधाओं, साइबर अपराध पर कार्रवाई और नशे के खिलाफ अभियान जैसे मुद्दों पर भी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज पुलिस के सामने पारंपरिक कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के साथ डिजिटल दुनिया में सक्रिय अपराधियों और नशे के नेटवर्क से निपटने की जिम्मेदारी भी है।
पुलिस लाइन, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि शहीद पूरे देश का गौरव होते हैं। उनका बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का रास्ता दिखाता है। मुख्यमंत्री ने खाकी वर्दी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह केवल एक वर्दी नहीं, बल्कि साहस, अनुशासन, जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा का प्रतीक है। इसे धारण करने वाला हर जवान देश की सुरक्षा और आम नागरिकों की सेवा को प्राथमिकता देता है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी प्राकृतिक आपदाओं, सड़क दुर्घटनाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों के दौरान सबसे आगे रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। विषम परिस्थितियों में भी जनसेवा के प्रति उनका समर्पण पुलिस बल की महत्वपूर्ण पहचान है।
शहीद स्मृति दिवस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड पुलिस में मानव संसाधन बढ़ाने और जवानों के करियर से जुड़े कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 785 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी गई है। इसके अलावा नागरिक पुलिस में 1,573 और प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) में 370 आरक्षियों की सीधी भर्ती की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, उपनिरीक्षक, प्लाटून कमांडर और अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के कुल 222 पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी पूरी की गई है।
पुलिस विभाग में पदोन्नति और नई भर्तियां कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिहाज से अहम हैं। पुलिस बल की पर्याप्त उपलब्धता से विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था संभालने, अपराधों पर कार्रवाई करने और आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने में मदद मिल सकती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य और उनके परिवारों की देखभाल को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसी दिशा में जिला पुलिस चिकित्सालय में जांच की सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी अक्सर लंबे समय तक चलती है और कई बार उन्हें कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उनके लिए महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री के बयान में पुलिस बल के कल्याण को भी विभागीय व्यवस्था का जरूरी हिस्सा बताया गया। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ जवानों के साथ-साथ उनके परिवारों को भी मिल सकता है।
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यात्रा मार्गों पर यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और आपात स्थितियों से निपटने में पुलिस की अहम भूमिका रहती है। मुख्यमंत्री धामी ने चारधाम यात्रा के दौरान पुलिसकर्मियों की सेवाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस बल के प्रत्येक जवान ने कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा व्यवस्था संभालना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ यातायात सुचारु रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। मुख्यमंत्री ने इन सेवाओं को पुलिस बल के समर्पण से जोड़ते हुए जवानों की प्रशंसा की।
डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार के साथ साइबर अपराध भी आम लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बन रहे हैं। ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में लोगों की जमा-पूंजी को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे मामलों में समय पर शिकायत और पुलिस की त्वरित कार्रवाई महत्वपूर्ण होती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस साइबर फ्रॉड के मामलों में तेजी से कार्रवाई कर रही है। अपराधियों को पकड़ने और आमजन की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि मौजूदा समय में पुलिस की जिम्मेदारी केवल पारंपरिक अपराधों तक सीमित नहीं है। डिजिटल दुनिया में छिपे अपराधियों की पहचान करना, साइबर धोखाधड़ी के मामलों में कार्रवाई करना और नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल माहौल उपलब्ध कराना भी पुलिस के काम का अहम हिस्सा बन गया है।
मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ लड़ाई को भी राज्य की प्रमुख चुनौतियों में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि नशा पूरे समाज को खोखला करता है और इसके दुष्परिणाम केवल किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहते, बल्कि परिवार और समाज भी प्रभावित होते हैं। CM धामी ने बताया कि नशे के उन्मूलन के लिए प्रदेश में त्रिस्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ‘ड्रग्स फ्री उत्तराखंड’ के संकल्प को साकार करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। नशे के खिलाफ अभियान में अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ-साथ नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाना भी अहम है। मुख्यमंत्री के बयान से स्पष्ट है कि सरकार नशे की समस्या से निपटने के लिए पुलिस की भूमिका को महत्वपूर्ण मानती है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी ड्यूटी समाज और राष्ट्र के प्रति अटूट संकल्प का प्रतीक है। प्राकृतिक आपदा हो, दुर्घटना हो या कानून-व्यवस्था से जुड़ी कोई चुनौती, पुलिस जवान हर परिस्थिति में आगे रहकर लोगों की सुरक्षा और सेवा का दायित्व निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा में साहस और अनुशासन के साथ संवेदनशीलता भी जरूरी है। आम नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना, मुश्किल समय में सहायता पहुंचाना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं।
शहीद स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री का संदेश पुलिस बल के बलिदान को याद करने के साथ-साथ वर्तमान चुनौतियों पर केंद्रित रहा। पुलिसकर्मियों की पदोन्नति और भर्ती से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं, साइबर अपराध और नशे के खिलाफ कार्रवाई तक, उन्होंने पुलिस व्यवस्था के अलग-अलग पहलुओं का उल्लेख किया।
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