
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को देहरादून के हिंदू नेशनल कॉलेज पहुंचे। यहां लक्ष्मण चौक वेलफेयर सोसाइटी ने रावण दहन और दशहरा मेले का आयोजन किया था। सीएम धामी ने बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देते हुए रावण दहन किया। उन्होंने उत्तराखंड के लोगों को विजयादशमी की शुभकामनाएं भी दीं। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री खजान दास भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा हमारी भारतीय संस्कृति का एक अहम त्योहार है। यह हमें सत्य, धर्म और न्याय के रास्ते पर चलने का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि रावण दहन हमें अपने अंदर के अहंकार, गुस्से और लालच जैसी बुराइयों को खत्म करने की प्रेरणा देता है।
सीएम ने कहा कि बुराई और अन्याय चाहे कितना भी ताकतवर क्यों न हो, जीत हमेशा सच की ही होती है। भगवान राम के जीवन का जिक्र करते हुए धामी ने कहा कि उनके त्याग, दया और कर्तव्यनिष्ठा के आदर्श आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा,
भगवान राम ने अपने आचरण से सिखाया कि मुश्किल हालात में भी हमें सत्य और धर्म के रास्ते पर डटे रहना चाहिए। उनका जीवन हमें परिवार, समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाने की सीख देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरे जैसे मेले भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बचाए रखने में मदद करते हैं। ये हमारी युवा पीढ़ी को भारतीय परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जोड़ते हैं। ऐसे आयोजनों से स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ती है और सामाजिक रिश्ते मजबूत होते हैं। CM धामी ने लक्ष्मण चौक वेलफेयर सोसाइटी की तारीफ की और आयोजन से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि त्योहारों का असली मतलब तभी है, जब हम उनके मूल्यों को अपने रोजमर्रा के जीवन में उतारें। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
इसी दिन सीएम धामी ने देहरादून के परेड ग्राउंड में भी दशहरा समारोह में हिस्सा लिया। यहां रावण का 181 फुट ऊंचा पुतला फूंका गया। साथ ही मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले भी जलाए गए। इस मौके पर उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की बधाई दी और सभी की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। प्रदेश में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
CM धामी ने बताया कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया गया है। इसके तहत अब तक 13,000 एकड़ से ज्यादा सरकारी जमीन वापस ली गई है। उन्होंने कहा,
सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों से हर्जाना वसूलने के लिए एक सख्त दंगा विरोधी कानून भी लागू किया गया है। हमारी सरकार ने यह तय कर लिया है कि देवभूमि उत्तराखंड की पवित्रता, संस्कृति या सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी बुराई को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी संकल्प के साथ हमने 'लैंड जिहाद', 'लव जिहाद', जबरन धर्मांतरण और दंगे भड़काने जैसे मुद्दों से निपटने के लिए कड़े कानून बनाए हैं। अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाकर हमने 13,000 एकड़ से ज्यादा जमीन वापस ली है। हमने 200 से ज्यादा अवैध मदरसों को बंद कराया है और 500 से ज्यादा अवैध ढांचों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। 'ऑपरेशन कालनेमि' के जरिए हमने धर्म के रास्ते में रुकावट डालने वाले पाखंडियों और जालसाजों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की है।
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