Viksit Bharat: स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने युवाओं, गांवों और पर्यटन पर दिया बड़ा संदेश

Published : Aug 15, 2026, 11:22 AM IST
anand bardhan uttarakhand secretariat independence day

सार

स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने विकसित उत्तराखण्ड का विजन रखते हुए रोजगार, सुशासन, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और तकनीक आधारित प्रशासन पर जोर दिया।

देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सचिवालय परिसर में आयोजित समारोह में उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेशवासियों, सचिवालय परिवार, उत्तराखण्ड पुलिस, पीएसी के जवानों, राजकीय इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों और शिक्षकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि यह उन अनगिनत वीरों के त्याग, तपस्या और संघर्ष को याद करने का दिन है, जिनकी बदौलत भारत आज एक स्वतंत्र, लोकतांत्रिक और संप्रभु राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी हमें विरासत में मिली है, लेकिन राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी वर्तमान पीढ़ी के कंधों पर है।

Independence Day: आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है नया भारत

मुख्य सचिव ने कहा कि आज का भारत आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सामरिक क्षेत्रों में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय वैज्ञानिक अंतरिक्ष में नई ऊंचाइयां छू रहे हैं, देश के युवा दुनिया भर में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं और डिजिटल तकनीक ने शासन व्यवस्था तथा नागरिक सेवाओं के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब लक्ष्य ऐसा विकास होना चाहिए, जो समावेशी, सतत और गुणवत्तापूर्ण हो, ताकि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

Uttarakhand 25 Years: उपलब्धियों के साथ चुनौतियों पर भी नजर जरूरी

मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड के गठन के 25 वर्ष पूरे होना आत्ममंथन और भविष्य की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि राज्य का निर्माण केवल प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं था, बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों की विशिष्ट जरूरतों, भौगोलिक परिस्थितियों और विकास की आकांक्षाओं से जुड़ा लंबा संघर्ष था।

उन्होंने बताया कि बीते 25 वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल, पर्यटन, डिजिटल कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचे में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पलायन, रोजगार के अवसर, दूरस्थ क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य और शिक्षा, जल स्रोतों का संरक्षण, आपदा जोखिम कम करना और हिमालयी पारिस्थितिकी की रक्षा जैसी चुनौतियों पर लगातार काम करना होगा।

Viksit Bharat 2047: विकसित उत्तराखण्ड का रोडमैप बताया

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को सफल बनाने में उत्तराखण्ड की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विकसित उत्तराखण्ड का मतलब केवल बड़े शहर या बड़ी परियोजनाएं नहीं हैं। असली विकास तब होगा, जब पहाड़ का युवा अपने गांव में सम्मानजनक रोजगार पा सके, महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें, हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले और हर नागरिक तक समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचें। उन्होंने यह भी कहा कि गांव सड़क, इंटरनेट और आधुनिक सुविधाओं से जुड़े हों और विकास तथा पर्यावरण साथ-साथ आगे बढ़ें।

Good Governance: फाइलों से आगे बढ़कर परिणाम देने वाला प्रशासन बने

मुख्य सचिव ने कहा कि सचिवालय राज्य शासन का मस्तिष्क है और यहां लिए गए फैसलों का असर प्रदेश के हर गांव और हर नागरिक तक पहुंचता है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि प्रशासन को केवल फाइलों और योजनाओं तक सीमित रखने के बजाय 'फाइल डिस्पोजल' से आगे 'आउटकम डिलीवरी' की दिशा में काम करना होगा।

उन्होंने 'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' की भावना के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस, डेटा एनालिटिक्स और आधुनिक तकनीकों के व्यापक उपयोग पर जोर दिया। उनके मुताबिक तकनीक के जरिए प्रशासन को अधिक तेज, पारदर्शी, संवेदनशील और नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकता है।

लोक सेवक की सोच अपनाने की अपील

मुख्य सचिव ने सचिवालय कर्मचारियों से कहा कि वे खुद को केवल सरकारी कर्मचारी नहीं, बल्कि लोक सेवक मानें। उन्होंने कहा कि उनके पास मौजूद अधिकार व्यक्तिगत नहीं, बल्कि जनता द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारियां हैं। कार्यालय आने वाले हर व्यक्ति को केवल फाइल या केस के रूप में नहीं, बल्कि उम्मीदों और परिवार से जुड़े इंसान के रूप में देखना चाहिए।

Local Economy: गांवों और महिला समूहों को बनाया जाए विकास का केंद्र

मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड की असली ताकत उसके गांव, महिलाएं, युवा और प्राकृतिक संसाधन हैं। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों की जरूरतों के अनुरूप स्थानीय अर्थव्यवस्था का मॉडल विकसित करने की बात कही, जिसमें मिलेट्स, स्थानीय कृषि उत्पाद, बागवानी, औषधीय और सुगंधित पौधे, जैविक उत्पाद, हस्तशिल्प और पारंपरिक ज्ञान को वैश्विक बाजार से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों ने इस दिशा में अच्छा काम किया है और अब उन्हें ग्रामीण उद्यमिता के मजबूत केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

Uttarakhand Youth Employment: नौकरी मांगने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बने युवा

मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड का युवा केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बने। उन्होंने स्टार्टअप, नवाचार, पर्यटन, आईटी, नवीकरणीय ऊर्जा और क्रिएटिव इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में नए अवसर तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा माहौल बनाया जाना चाहिए, जहां युवाओं को रोजगार के लिए केवल देहरादून, दिल्ली, चंडीगढ़ या बेंगलुरु की ओर न देखना पड़े, बल्कि पहाड़ में ही बेहतर अवसर उपलब्ध हों।

Himalayan Development: पर्यावरण और विकास साथ-साथ चलें

मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड हिमालय का प्रहरी है और यहां की नदियां केवल जलधाराएं नहीं, बल्कि संस्कृति, सभ्यता और अर्थव्यवस्था का आधार हैं। उन्होंने कहा कि विकास का मॉडल हिमालय की संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर तैयार होना चाहिए। उन्होंने अर्ली वार्निंग सिस्टम, आपदा-रोधी निर्माण, रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर, कैरिंग कैपेसिटी असेसमेंट और जलवायु अनुकूलन को विकास की मुख्यधारा में शामिल करने की जरूरत बताई।

Responsible Tourism: हाई-वैल्यू टूरिज्म पर दिया जोर

मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव है, लेकिन अब इसे केवल पर्यटकों की संख्या तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उन्होंने स्पिरिचुअल टूरिज्म, वेलनेस एवं योग, एडवेंचर, इको-टूरिज्म, होमस्टे, विंटर टूरिज्म और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के साथ-साथ छोटे गांवों, स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक खान-पान और हस्तशिल्प को भी पर्यटन की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है।

स्वतंत्रता दिवस पर लिया कर्तव्यनिष्ठा और पारदर्शिता का संकल्प

अपने संबोधन के अंत में मुख्य सचिव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें स्वतंत्रता, जिम्मेदारी और संकल्प की तीन मूल भावनाओं की याद दिलाता है। उन्होंने सचिवालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे कर्तव्यनिष्ठा, पारदर्शिता, नवाचार और संवेदनशीलता को अपनी कार्यशैली का आधार बनाएं, ताकि हर फैसला उत्तराखण्ड के हित में और हर प्रयास जनहित में हो।

उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, शहीद भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद सहित सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही भारतीय सेना, अर्द्धसैनिक बलों, पुलिस और सभी सुरक्षा बलों के जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव, सचिवगण, अपर सचिवगण, सचिवालय परिवार के अधिकारी-कर्मचारी तथा स्कूल के विद्यार्थी भी मौजूद रहे।

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