AC Electricity Consumption: क्या नॉन इन्वर्टर AC से बिजली का बिल ज्यादा आता है? AC खरीदते समय कौन सी गलतियां बिल बढ़ा सकती हैं? कमरे के हिसाब से कितना टन AC खरीदना सही रहता है?
बढ़ती हुई गर्मी में अगर आप AC खरीदने का सोच रहे हैं लेकिन बिजली के बिल से डर रहे हैं, तो आपको हर छोटी-छोटी गलती करने से बचनी चाहिए। आपकी छोटी गलतियां हजारों रुपए का बिल बढ़ा देंगी। खासकर नॉन इनवर्टर एसी खरीदने या गलत टन क्षमता चुनने से। ये आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। अगर आप नया एयर कंडीशन खरीदने जा रहे हैं, तो इन चार गलतियों को करने से बचें।
नॉन इनवर्टर एसी खरीदने की गलती
कम कीमत देखकर नॉन इनवर्टर एसी एसी खरीदना अक्सर बाद में महंगा पड़ता है।
नॉन इनवर्टर एसी बार-बार ऑन और ऑफ होते हैं और बिजली की खपत बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।
इसके मुकाबले इनवर्टर वाले एसी कमरे के तापमान के हिसाब से कंप्रेसर की स्पीड कंट्रोल करते हैं। ऐसे बिजली बचाने में मदद मिलती है।
अगर रोज कई घंटे एसी चलाते हैं, तो नॉन इनवर्टर AC का बिल बहुत ज्यादा आता है।
गलत टन कैपेसिटी AC चुनना
एसी में टन का चुनाव करते समय कमरे के साइज ध्यान में रखना चाहिए।
छोटे कमरे में ज्यादा टन का या बड़े कमरे में कम टन का एसी लगाने से बिजली की खपत बढ़ जाती है।
आप एक, डेढ़ या दो टन एसी का चुनाव कमरे के साइज के हिसाब से चुनें।
अगर कमरे के हिसाब से सही टन का चुनाव किया जाए, तो बिजली का बिल ज्यादा नहीं आता है।
कम स्टार रेटिंग वाले AC
AC खरीदते समय उस पर दिए हुए स्टार जरूर चेक करें।
अगर कम कीमत और कम स्टार रेटिंग वाले AC खरीदेंगे तो इससे बिजली का बिल कई गुना बढ़ जाएगा।
फाइव स्टार रेटिंग वाला एसी शुरुआती कीमत में आपको महंगा लग सकता है लेकिन यह लंबे समय तक बिजली की बचत करेगा।
फाइव स्टार एसी खरीदने से महीने में हजारों रुपए की बचत की जा सकती है।
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