
टेक डेस्क। भारत में चीनी कंपनियों और चीन के लोगों द्वारा कंट्रोल किए जा रहे अवैध लोन ऐप्स से बड़े पैमाने पर लोगों से पैसे की उगाही की जा रही है। ये लोन ऐप आसान कर्ज के नाम पर पैसे देते हैं फिर कई गुणा अधिक रकम वसूल करते हैं। पैसे मिलने में देर हुई तो कर्ज लेने का वाले का उत्पीड़न तक किया जाता है। इसके चलते आत्महत्या की कई घटनाएं सामने आईं हैं। भारत सरकार ने इस अवैध धंधे पर नकेस कसने की घोषणा की है।
ये अवैध लोन ऐप ग्राहकों को बिना किसी क्रेडिट स्कोर के और खराब क्रेडिट के बाद भी कर्ज देते हैं। बाद में अपने पैसे वापस लेने के लिए अवैध तरीके अपनाते हैं। कुछ महीने पहले Google ने भारत में 2000 से अधिक ऐसे अवैध लोन ऐप को ब्लॉक किया था, लेकिन चंद दिनों बाद लोन एप फिर से गूगल प्ले स्टोर पर दिखने लगे।
RBI तैयार कर रहा व्हाइट लिस्ट
शुक्रवार को वित्त मंत्रायल ने गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर अवैध लोन ऐप्स की बढ़ती संख्या पर चिंता जताया। मंत्रालय ने घोषणा किया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) सभी कानूनी ऐप्स की व्हाइट लिस्ट तैयार कर रहा है। आईटी मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर सिर्फ व्हाइटलिस्ट में शामिल ऐप ही रहें। बचे हुए अन्य अवैध ऐप्स पर बैन लगाया जाएगा।
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केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने नियमित बैंकिंग चैनलों के बाहर "अवैध लोन ऐप्स" से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाई थी। इसी बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक के दौरान सीतारमण ने अवैध लोन ऐप के बढ़ने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन लोन ऐप्स द्वारा गरीबों को बहुत अधिक ब्याज पर पैसा दिया जा रहा है। बहुत अधिक ब्याज और छिपे हुए शुल्क जोड़कर पैसे की वसूली की जा रही है। इसके लिए लोगों को धमकाया और ब्लैकमेल किया जाता है।
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