Instagram Privacy: अब कोई भी पढ़ लेगा आपकी सीक्रेट चैट? Meta बंद कर रहा है ये जरूरी फीचर

Published : Mar 17, 2026, 03:48 PM IST
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सार

Meta 8 मई, 2026 के बाद इंस्टाग्राम DM से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन हटा रहा है। इस बदलाव से आपकी चैट की प्राइवेसी खत्म हो जाएगी और Meta आपके मैसेज पढ़ सकेगा। कंपनी ने कम उपयोग को इसका कारण बताया है।

इंस्टाग्राम हम में से कई लोग रोज़ इस्तेमाल करते हैं। अब इसकी पेरेंट कंपनी Meta ने एक ऐसा ऐलान किया है जो आपकी प्राइवेसी से जुड़ा है। कंपनी ने कन्फर्म किया है कि 8 मई, 2026 के बाद इंस्टाग्राम के डायरेक्ट मैसेज (DM) से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फीचर हटा दिया जाएगा। Meta ने अपने सपोर्ट पेज पर ये जानकारी दी है। इसका मतलब है कि आपकी चैट्स पर ये एक्स्ट्रा सिक्योरिटी लेयर अब नहीं होगी। जिन यूज़र्स की चैट इस फीचर के तहत एन्क्रिप्टेड है, उन्हें पहले से एक नोटिफिकेशन मिलेगा, ताकि वे चाहें तो अपना चैट डेटा डाउनलोड कर सकें।

क्या है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन?

अब सवाल उठता है कि ये एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन आखिर है क्या? आसान भाषा में समझें तो ये एक ऐसा सिक्योरिटी फीचर है, जिसमें मैसेज भेजने वाले और पाने वाले के अलावा कोई तीसरा शख्स, यहां तक कि खुद इंस्टाग्राम या Meta भी, आपकी चैट नहीं पढ़ सकता। ये टेक्नोलॉजी आपके मैसेज को भेजते समय एक कोड में बदल देती है और वो कोड सिर्फ रिसीव करने वाले के फोन पर ही खुलता है। इससे आपकी बातें हैकर्स वगैरह से पूरी तरह सुरक्षित रहती हैं। अब यही फीचर बंद होने जा रहा है।

Signal और WhatsApp जैसे कई ऐप्स इसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं ताकि यूज़र्स की बातचीत पूरी तरह प्राइवेट रहे। WhatsApp में तो ये फीचर 'डिफ़ॉल्ट' यानी अपने आप ऑन रहता है, लेकिन इंस्टाग्राम पर यूज़र्स को इसे खुद चुनना पड़ता था।

इंस्टाग्राम ने ये फीचर 2023 में ही शुरू किया था। Meta का कहना है कि बहुत कम लोग इसका इस्तेमाल कर रहे थे, इसीलिए इसे बंद करने का फैसला लिया गया। कंपनी यूज़र्स को पहले से नोटिस भेज रही है ताकि वे अपनी एन्क्रिप्टेड चैट और मीडिया फाइल्स डाउनलोड कर सकें। भले ही कंपनी कम इस्तेमाल को वजह बता रही हो, लेकिन चर्चा ये भी है कि एन्क्रिप्शन हटाने से Meta के लिए मैसेजिंग डेटा को प्रोसेस करना आसान हो जाएगा।

अब Meta आपकी चैट पढ़ सकेगा

एन्क्रिप्शन हटने के बाद, जब आपके मैसेज Meta के सर्वर से गुज़रेंगे, तो कंपनी उन्हें देख सकेगी। Meta का एक तर्क ये भी है कि इससे गैर-कानूनी कंटेंट को रोकने में मदद मिलेगी। इस कदम के पीछे Meta का एक बड़ा मकसद भी नज़र आता है। वो इंस्टाग्राम को एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और WhatsApp को एक प्राइवेट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर अलग-अलग रखना चाहती है।

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