
नई दिल्ली। फेसबुक और इंस्टाग्राम चलाने वाली कंपनी मेटा ने अपने प्लेटफॉर्म से कई खतरनाक विज्ञापन हटा दिए हैं। ये विज्ञापन अश्लील कंटेंट का झांसा देकर यूजर्स को ऐसे मैलवेयर एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए उकसा रहे थे, जो उनके बैंक अकाउंट की डिटेल्स चुरा सकते हैं। केंद्र सरकार की तरफ से चेतावनी मिलने के बाद मेटा ने यह कार्रवाई की है।
सरकार ने पाया कि फेसबुक और इंस्टाग्राम पर 'Night Play' और 'Kais' जैसे नामों से चल रहे विज्ञापनों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा था। सरकार ने बताया कि इन विज्ञापनों के जरिए यूजर्स को फिशिंग वेबसाइटों पर भेजा जा रहा था।
यह धोखाधड़ी अश्लील ऐप्स के नाम पर यूजर्स से एंड्रॉयड एप्लिकेशन डाउनलोड करवाकर की जा रही थी। चेतावनी में कहा गया है कि फोन में इंस्टॉल होने के बाद यह मैलवेयर धोखेबाजों को बैंकिंग जानकारी समेत आपकी निजी जानकारी तक पहुंचा सकता है। सरकार के मुताबिक, ये ऐप्स वन-टाइम पासवर्ड (OTP) और बैंक पिन जैसी अहम जानकारी चुपके से इकट्ठा कर सकते हैं और यूजर की जानकारी के बिना बैंक खातों से पैसे भी ट्रांसफर कर सकते हैं।
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने पाया कि सरकार की चेतावनी के बाद भी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कम से कम 39 ऐसे विज्ञापन एक्टिव थे। यूजर्स को लुभाने के लिए कई विज्ञापनों में आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया था। जब रॉयटर्स ने इस मामले को मेटा के ध्यान में लाया, तो रिपोर्ट के मुताबिक इन सभी विज्ञापनों को हटा दिया गया। हालांकि, मेटा ने रॉयटर्स के सवालों पर कोई जवाब नहीं दिया।
जैसे-जैसे देश में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, वैसे-वैसे साइबर फ्रॉड भी बढ़ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2025 तक भारत में साइबर धोखाधड़ी से होने वाला नुकसान लगभग 2।4 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। अधिकारियों का मानना है कि धोखेबाज डिजिटल पेमेंट सिस्टम का फायदा उठाने के लिए नए-नए तरीके आजमा रहे हैं।
यह हाल के दिनों में दूसरा बड़ा मामला है जब भारत ने बड़ी टेक कंपनियों के प्लेटफॉर्म पर हो रही वित्तीय धोखाधड़ी को लेकर चिंता जताई है। इससे पहले, सरकार ने गूगल को उसकी फायरबेस सर्विस का इस्तेमाल कर बड़े बैंकों की नकल करके धोखाधड़ी करने वाले सैकड़ों अकाउंट्स को बंद करने का निर्देश दिया था।
मेटा की विज्ञापन नीतियां भी एडल्ट कंटेंट, नग्नता और यौन गतिविधियों वाले विज्ञापनों की इजाजत नहीं देती हैं। साथ ही, यूजर्स से पैसे ठगने वाले भ्रामक प्रोडक्ट्स, सेवाओं या योजनाओं के विज्ञापनों पर भी रोक है।
रॉयटर्स ने एक ऐसे विज्ञापन का पता लगाया जो यूजर्स को एक वीडियो ऐप की वेबसाइट पर ले जा रहा था, जिसमें अश्लील वीडियो उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। सैकड़ों वीडियो और फुल-टाइम कंटेंट का वादा करने वाली इस सर्विस का इस्तेमाल करने के लिए 'movexa।apk' नाम की फाइल को ऑफिशियल ऐप स्टोर के बाहर से सीधे डाउनलोड करने के लिए कहा जा रहा था।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह ऑफिशियल ऐप स्टोर को छोड़कर अनजान वेबसाइटों से एप्लिकेशन इंस्टॉल करना एक बड़ा सुरक्षा खतरा है। उन्होंने यूजर्स को सलाह दी है कि जो ऐप्स बैंकिंग जानकारी, ओटीपी और पिन मांगते हैं, उनसे खास तौर पर सावधान रहें।
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