मानक से दोगुना तक रेडिएशन पैदा कर रहा आपकी जेब में पड़ा फोन... Apple के दो मॉडल कभी इस मामले में सबसे ऊपर रहे

Published : Jan 14, 2022, 01:47 PM ISTUpdated : Jan 14, 2022, 01:50 PM IST
मानक से दोगुना तक रेडिएशन पैदा कर रहा आपकी जेब में पड़ा फोन... Apple के दो मॉडल कभी इस मामले में सबसे ऊपर रहे

सार

Phones Emitting the Most Radiation : डॉक्टरों का कहना है कि मोबाइल फोन का चौबीसों घंटे पास रहना लोगों को लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकता है। स्मार्टफोन से होने वाले रेडिएशन के प्रभावों पर रिसर्च अभी भी मुश्किल है, लेकिन आपका यह जानना जरूरी है कि किस कंपनी का मोबाइल फोन कॉल करते वक्त कितना रेडिएशन पैदा करता है।  

टेक डेस्क। तेजी से बदलती दुनिया में आजकल अधिकांश लोगों के लिए उनका स्मार्टफोन (Smartphone) चौबीसों घंटे लगभग उनके हाथ में ही रहता है। काम के वक्त यह उनकी जेब में होता है, जबकि ट्रेन, बस या विमान से यात्रा के वक्त या घर में फोन लोगों के हाथ में होता है। यही नहीं, सोते वक्त भी बहुत सारे लोगों के फोन उनकी बेडसाइड टेबल या फिर बेड पर ही होता है। लेकिन स्मार्टफोन से इतनी अधिक करीबी उन्हें कितना नुकसान पहुंचा सकती है, इसके बारे में लोग कम ही जागरूक हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मोबाइल फोन का इस कदर पास रहना लोगों को लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकता है। स्मार्टफोन से होने वाले रेडिएशन के प्रभावों पर रिसर्च अभी भी मुश्किल है, लेकिन आपका यह जानना जरूरी है कि किस कंपनी का मोबाइल फोन कॉल करते वक्त कितना रेडिएशन पैदा करता है।  

जर्मन फेडरल ऑफिस फॉर रेडिएशन प्रोटेक्शन के पास स्मार्टफोन का एक डेटाबेस comprehensive database है। उनके पास लेटेस्ट और आउटडेटेड हो चुके स्मार्टफोन के रेडिएशन उत्सर्जन से जुड़ा पूरा डेटा हे। इससे पता चलता है कि सबसे ज्यादा रेडिएशन मोटोरोला एज के स्मार्टफोन में होता है। इससे पहले प्रीमियम श्रेणी की कंपनी Apple के iphone 7 और iphone8  इस सूची में ऊपर रहे हैं।  Apple के लेटेस्ट हैंडसेट में SAR (Specific absorption rate) कम हैं। इसकी वजह से लेटेस्ट आईफोन अत्यधिक रेडिएशन वाले स्मार्टफोन की सूची से बाहर हो गए हैं। 
यहां यह बताना जरूरी है कि अब भी दुनियाभर में फोन के रेडिएशन लेवल को लेकर किसी तरह की गाइडलाइन नहीं है। जर्मन सर्टिफिकेशन फॉर एनवायर्नमेंटल फ्रैंडलीनेस (Blue angel) सिर्फ उन स्मार्टफोन को सर्टिफिकेट प्रदान करता है, जिनका SAR (Specific absorption rate) 0.60 वाट प्रति किलोग्राम से कम है। लेकिन ज्यादातर मोबाइल फोन इस बेंचमार्क से दोगुने तक की श्रेणी में आते हैं। 

गूगल, एप्पल, ओप्पो लगभग हर कंपनी का SAR अधिक 
गूगल, एप्पल, ओप्पो, श्याओमी, सैमसंग तक सभी कंपनियों के लेटेस्ट मॉडल्स में रेडिएशन का स्तर काफी अधिक है। भारत में सर्वाधिक बिकने वाले रेडमी के लेटेस्ट मॉडल 9, 10, 10 5 जी की अवशोषण दर 1.17 से लेकर 1.19 वाट प्रति किलोग्राम तक है। सैमसंग के लेटेस्ट मॉडल गैलेक्सी A22 में यह 1.59 तक है। 

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