
उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए, गूगल ने अपने पिक्सल 6, 7 और 9 सीरीज के फ़ोन्स में 'स्कैम डिटेक्शन सिस्टम' नाम का एक नया फीचर जोड़ा है। यह फीचर फ़ोन ऐप में ही मौजूद होगा और रियल-टाइम में स्कैम कॉल की पहचान करके यूजर्स को अलर्ट करेगा।
गूगल की एडवांस्ड AI और मशीन लर्निंग तकनीक की मदद से, यह फीचर इनकमिंग कॉल्स का रियल-टाइम एनालिसिस करेगा। कॉलर आईडी, फ़ोन नंबर पैटर्न और कॉल के तरीके जैसे कई फैक्टर्स को ध्यान में रखते हुए, यह फीचर स्कैम कॉल्स की पहचान करेगा और उन्हें फ़्लैग करेगा।
अगर कोई कॉल स्कैम के रूप में पहचानी जाती है, तो यूजर को उनके फ़ोन पर एक अलर्ट मिलेगा। इससे यूजर सही फैसला ले पाएंगे और स्कैम से बच सकेंगे। गूगल ने बताया है कि यह स्कैम डिटेक्शन फीचर डिफ़ॉल्ट रूप से ऑफ रहेगा और यूजर इसे अपनी मर्ज़ी से ऑन कर सकते हैं।
यूजर कभी भी फ़ोन ऐप की सेटिंग में जाकर इस फीचर को ऑफ कर सकते हैं। यहाँ तक कि किसी ख़ास कॉल के दौरान भी इसे ऑफ किया जा सकता है। गूगल ने यह भी साफ़ किया है कि AI डिटेक्शन मॉडल और उसकी प्रोसेसिंग पूरी तरह से फ़ोन पर ही होती है। बातचीत का ऑडियो या ट्रांसक्रिप्शन फ़ोन में सेव नहीं होता, न ही इसे गूगल सर्वर या कहीं और भेजा जाता है, और न ही कॉल के बाद इसे रिट्रीव किया जा सकता है।
पिक्सल 9 डिवाइस में स्कैम डिटेक्शन Gemini Nano द्वारा दिया जाता है। पिक्सल 6, 7 और 8a यूजर्स के लिए, यह फीचर दूसरे एडवांस्ड गूगल ऑन-डिवाइस मशीन लर्निंग मॉडल पर आधारित है।
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