
टेक डेस्क. देश की दूसरी सबसे बड़ी टेक कंपनी इंफोसिस के कैंपस प्लेसमेंट में 76% गिरावट आई है। इस वित्त वर्ष 2024 में लगभग 11,900 स्टूडेंट्स की हाइरिंग की है। वहीं, फाइनेंशियल ईयर 2023 में 50 हजार से ज्यादा फ्रेशर्स की हाइरिंग की थी। यह जानकारी इंफोसिस के CEO और MD सलिल परेख ने दी है। बीते दो दशक में यह सबसे बड़ी गिरावट है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते साल कंपनी में 3 लाख 17 हजार कर्मचारी थे। 2001 के बाद से इंफोसिस के कर्मचारियों की संख्या में 25,994 की गिरावट आई है।
इंफोसिस में कर्मचारियों की संख्या में गिरावट
टेक कंपनी इंफोसिस की एनुअल रिपोर्ट 3 जून को आई थी। इसमें कंपनी के CEO पारेख ने कहा कि हमने बीते साल करीब 11,900 कॉलेज ग्रेजुएट्स की भर्ती की और कूल कर्मचारी 3 लाख 17 हजार थे। ऐसे में हमारा एट्रिशन में 12.6% कमी आई है। कंपनी ने 2 लाख 50 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को AI स्किल की ट्रेनिंग दी है। साथ ही हमने जेंडर डायवर्सिटी पर फोकस करना जारी है, हमारे वर्कफोर्स में लगभग 39% महिला कर्मचारी हैं।आपको बता दें कि इंफोसिस ने बीते साल लगभग 9 महीने में कैंपस हायरिंग नहीं की थी।
कंपनी ने अपने हाइरिंग मॉडल में बदलाव किया
कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर जयेश संघराजका ने अप्रैल में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा था कि हमने अपने हायरिंग मॉडल में काफी बदलाव किया है। ऐसे में फ्रेशर्स को कैंपस से हायर नहीं करते।
टेक कंपनियों में चल रहा छंटनियों का दौर
भारत ही नहीं दुनिया भर की टेक कंपनी में ले ऑफ का दौर चल रहा है। आए दिन, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट सहित दिग्गज कंपनियां अपने कर्मचारियों को अलग-अलग कारणों से कंपनी से निकाल रही हैं। अधिकांश कंपनियां वर्कफोर्स को कम करने और कॉस्ट कटिंग के लिए ये छंटनियां कर रही हैं। बीते एक साल में भारत की दिग्गज टेक कंपनियों से 67 हजार लोगों की छंटनी हुई थी।
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