
टेक डेस्क : ChatGPT का इस्तेमाल करने वाले सावधान हो जाएं..अब इस एआई टूल पर भी फ्रॉड होने लगा है। इसकी पॉपुलैरिटी का फायदा स्कैमर्स गलत तरीके से उठा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साइबर सिक्योरिटी कंपनी Kaspersky की टीम ने चैटजीपीटी के फेक डेस्कटॉप ऐप की तलाश की है। जिसकी मदद से यूजर्स का डेटा चुराया जा रहा है। कंपनी की तरफ से जानकारी दी गई है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक फेक लिंक सर्कुलेट किया जा रहा है। जिसमें कहा जा रहा है कि ऐप डाउनलोड करने पर 50 डॉलर दिए जाएंगे। साइबर सिक्योरिटी कंपनी की टीम के मुताबिक, आप जैसे ही इस लिंक से ऐप को डाउनलोड करते हैं, आपके सिस्टम में एक मालवेयर बैकग्राउंड में आ जाएगा और आपके सीक्रेट्स चुरा लेगा।
सीक्रेट्स चोरी कर रहे स्कैमर्स
इस नए मालवेयर का नाम Fobo Trojan-PSW.Win64.Fobo बताया जा रहा है। कंपनी की तरफ से जो जानकारी दी गई है, उसके मुताबिक, हैकर्स ने चैटजीपीटी नाम से एक फेक वेबसाइट बनाई है। यह वेबसाइट एकदम ओपन एआई की ऑफिशियल वेबसाइट की तरह ही दिखाई देती है। जैसे ही लिंक पर क्लिक कर लोग इस ऐप को डाउनलोड करते हैं, 50% पर ही प्रॉसेस रुक जाता है लेकिन ऐसा नहीं है, इतने में ही सिस्टम में मालवेयर इंस्टॉल हो जाता है। यहां से आपकी पर्सनल जानकारियां आपके सोशल मीडिया अकाउंट्स से यह चुरा लेता है। Kaspersky ने बताया है कि चैटजीपीटी पर बढ़ते ट्रैफिक की वजह से स्कैमर्स इसे ग्लोबल लेवर पर अपना प्राइम टारगेट बना रहे हैं।
चैटजीपीटी का ऐसा कोई सॉफ्टवेयर नहीं
आपको बता दें कि ओपन एआई की तरफ से चैटजीपीटी का ऐसा कोई भी ऐप या सॉफ्टवेयर नहीं बनाया गया है। इसलिए भूलकर भी इस लिंक पर क्लिक न करें। चैटजीपीटी को यूज करने के लिए हमेशा ऑफिशियल वेबसाइट ही एक्सेस करें। सोशल मीडिया पर आने वाले लिंक पर भरोसा कर आप फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं। चैटजीपीटी की ऑफिशियल वेबसाइट https://openai.com/blog/chatgpt/ यह है।
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