SIM Swap Fraud: एक गलती और मिनटों में खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, जानिए कैसे बचें

Published : Feb 14, 2026, 05:21 PM IST

SIM Swap Fraud Prevention Tips: आज सिम कार्ड सिर्फ कॉल-मैसेज के लिए नहीं, UPI, बैंक OTP, ईमेल, सोशल मीडिया और मैप्स का भी दरवाजा है। इसीलिए इससे जुड़े फ्रॉड भी बढ़ते जा रहे हैं। ऐसा ही एक साइबर फ्रॉड सिम स्वैप फ्रॉड है। जानिए इससे कैसे बचें… 

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SIM Swap Fraud क्या होता है?

सिम स्वैप फ्रॉड एक आइडेंटिटी बेस्ड साइबर क्राइम (Identity-based Cyber Crime) है, जिसमें अपराधी टेलीकॉम कंपनी को धोखा देकर आपके नंबर को नई सिम पर ट्रांसफर करवा लेते हैं। इसके बाद वे OTP इंटरसेप्ट करते हैं, बैंक और UPI अकाउंट एक्सेस करते हैं, ईमेल और सोशल मीडिया हैक कर लेते हैं। यह फ्रॉड अक्सर फिशिंग (Phishing), डेटा लीक (Data Leak) और सोशल इंजीनियरिंग (Social Engineering) से शुरू होता है।

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क्या सिम स्वैप से UPI सेफ है?

UPI में एक एक्स्ट्रा सिक्योरिटी लेयर होती है। भले ही कोई आपकी सिम बदलवा ले, लेकिन नई डिवाइस पर UPI ऐप एक्टिवेट करने के लिए उसे आपका आधार नंबर या बैंक डेबिट कार्ड की डिटेल चाहिए। यानी सिर्फ सिम बदलने से UPI पूरी तरह एक्सेस नहीं किया जा सकता, लेकिन खतरा पूरी तरह खत्म भी नहीं होता है।

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सिम स्वैप फ्रॉड को लेकर एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

टेक एक्सपर्ट्स के अनुसार, सिम स्वैप के बाद ईमेल, बैंकिंग, सोशल मीडिया और यहां तक कि क्रिप्टो अकाउंट भी खतरे में आ सकते हैं। नुकसान तुरंत हो सकता है क्योंकि पीड़ित का नेटवर्क बंद हो जाता है और ठग अकाउंट खाली कर देते हैं। वे बताते हैं कि SMS आधारित ऑथेंटिकेशन पर बहुत ज्यादा निर्भरता इस खतरे को बढ़ा रही है।

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अगर आपको SIM Swap का शक हो तो तुरंत क्या करें?

  • मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर को तुरंत कॉल करें।
  • सिम सस्पेंड करवाएं।
  • बैंक, ईमेल और सोशल मीडिया के पासवर्ड बदलें।
  • बैंक स्टेटमेंट चेक करें।
  • SMS OTP की जगह ऐप बेस्ड ऑथेंटिकेशन (App-based Authentication) ऑन करें।
  • SIM Lock फीचर एक्टिव करें।
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क्या SIM Binding इस खतरे से बचा सकता है?

सिम बाइंडिंग आपके अकाउंट को एक खास SIM या डिवाइस से लिंक करती है। जब भी लॉगिन या ट्रांजैक्शन होता है, सिस्टम चेक करता है कि वह भरोसेमंद डिवाइस से है या नहीं। अगर SIM बदली गई हो, तो एक्सेस रोका जा सकता है, एक्स्ट्रा वैरिफिकेशन मांगा जा सकता है, लेकिन एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सिर्फ सिम बाइंडिंग काफी नहीं है। साइबर क्रिमिनल्स अब फिशिंग, मैलवेयर, फुल अकाउंट टेकओवर जैसी एडवांस तकनीकें इस्तेमाल कर रहे हैं।

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SIM Swap से बचने के लिए क्या करें?

  • SMS OTP पर पूरी तरह डिपेंड न रहें।
  • ऐप बेस्ड ऑथेंटिकेशन इस्तेमाल करें।
  • Two-Factor Authentication ऑन रखें।
  • SIM Lock एक्टिवेट करें।
  • पर्सनल जानकारी शेयर करने से बचें।
  • बैंक अलर्ट ऑन रखें।

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