I4C रिपोर्ट: पिछले 6 सालों में साइबर धोखाधड़ी से भारतीयों को 52,976 करोड़ रु. का नुकसान हुआ। यह नुकसान निवेश घोटाले, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन फ्रॉड से हुआ। महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु सर्वाधिक प्रभावित राज्य हैं।
नई दिल्ली: एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले छह सालों में भारतीयों ने अलग-अलग साइबर धोखाधड़ी और फ्रॉड के मामलों में 52,976 करोड़ रुपये गंवा दिए हैं. लाइव मिंट ने राष्ट्रीय मीडिया इंडियन एक्सप्रेस का हवाला देते हुए बताया है कि यह खुलासा इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के जुटाए गए डेटा से हुआ है. पिछले छह सालों में, देश भर में निवेश धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड और साइबर फिशिंग जैसे कई तरह के घोटालों की वजह से 52,976 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है.
साइबर फ्रॉड में पैसे गंवाते भारतीय
नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के डेटा के मुताबिक, अकेले 2025 में ही लोगों ने साइबर फ्रॉड में करीब 19,812.96 करोड़ रुपये गंवा दिए. इस दौरान 21,77,524 से ज्यादा धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में हुए 19,812 करोड़ रुपये के नुकसान में से 77 प्रतिशत निवेश योजनाओं के नाम पर, आठ प्रतिशत डिजिटल अरेस्ट के जरिए, सात प्रतिशत क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी से, चार प्रतिशत सेक्सटॉर्शन से, तीन प्रतिशत ई-कॉमर्स धोखाधड़ी से और एक प्रतिशत ऐप/मैलवेयर आधारित धोखाधड़ी से हुआ. वहीं, 2024 में करीब 22,849.49 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और 19,18,852 शिकायतें दर्ज की गईं. 2023 में 1,310,361 शिकायतें दर्ज की गईं, जिसमें कुल 7,463.2 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. 2022 में यह 2,290.23 करोड़ रुपये और 694,446 शिकायतें थीं. 2020 में जो धोखाधड़ी 8.56 करोड़ रुपये की थी, वह 2021 में बढ़कर 551.65 करोड़ रुपये हो गई.
साइबर धोखाधड़ी सबसे ज्यादा इन पांच राज्यों में
राज्यों के हिसाब से देखें तो साइबर धोखाधड़ी से सबसे ज्यादा महाराष्ट्र प्रभावित हुआ है. राज्य को 3,203 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और 2,83,320 शिकायतें दर्ज की गईं. इसके बाद कर्नाटक में 2,413 करोड़ रुपये का नुकसान और 2,13,228 शिकायतें दर्ज हुईं, और तमिलनाडु में 1,897 करोड़ रुपये के नुकसान के साथ 1,23,290 शिकायतें आईं. उत्तर प्रदेश में 1,443 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई, जिसमें 2,75,264 शिकायतें दर्ज की गईं. तेलंगाना में लगभग 95,000 मामले सामने आए और राज्य को 1,372 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
देश में कुल साइबर धोखाधड़ी के नुकसान का आधे से ज्यादा हिस्सा इन्हीं पांच राज्यों से है. अधिकारियों के मुताबिक, धोखेबाजों की गतिविधियां शहरी और डिजिटल रूप से जुड़े इलाकों में ज्यादा देखने को मिलती हैं. दूसरे राज्यों में, गुजरात में 1,312.26 करोड़, दिल्ली में 1,163 करोड़ और पश्चिम बंगाल में 1,073.98 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया. आंकड़ों के मुताबिक, मणिपुर में 16.74 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई और 1,807 शिकायतें मिलीं.
