
WhatsApp Username Feature Update: वॉट्सऐप चलाने वाले भारत के 80 करोड़ से ज्यादा यूजर्स के लिए एक बहुत बड़ा अपडेट आया है। वॉट्सऐप पर बिना फोन नंबर दिखाए सिर्फ 'यूजरनेम' (Username) के जरिए चैटिंग करने वाले नए फीचर को लेकर सरकार और वॉट्सऐप के बीच चल रही खींचतान में एक नया मोड़ आ गया है। गुरुवार, 9 जुलाई 2026 की देर शाम वॉट्सऐप ने भारत सरकार के आईटी मंत्रालय (MeitY) को अपना लिखित जवाब सौंप दिया है। आज शुक्रवार को सरकार के सीनियर अधिकारी इस जवाब की बारीकी से रिव्यू कर रहे हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है, सरकार को इस नए फीचर से क्या दिक्कत है और क्या अब आपके फोन नंबर छिप पाएंगे या नहीं...
मामला 1 जुलाई का है, जब भारत सरकार ने वॉट्सऐप की पैरेंट कंपनी 'मेटा' (Meta) को एक कड़ा नोटिस थमाया था। सरकार ने साफ कहा था कि फिलहाल भारत में इस 'यूजरनेम' वाले फीचर के रोलआउट (लॉन्च) पर तुरंत रोक लगाई जाए।
सरकार का मानना है कि अगर वॉट्सऐप पर फोन नंबर छिपाने और सिर्फ यूजरनेम दिखाने की आजादी मिल गई, तो इससे देश में अपराधियों की मौज हो जाएगी। आईटी मंत्रालय ने चिंता जताई है कि इस फीचर के आने से ऑनलाइन फ्रॉड (Online Fraud) करने वालों को पहचानना मुश्किल हो जाएगा। इससे डिजिटल अरेस्ट स्कैम (Digital Arrest Scams) बढ़ सकते हैं। इसके अलावा पहचान चोरी (Impersonation Attacks) हो सकती है यानी कोई भी किसी दूसरे बड़े नामी व्यक्ति का यूजरनेम बनाकर लोगों को चूना लगा सकता है। सरकार ने साफ निर्देश दिया था कि जब तक सरकार इस बात से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाती कि यह फीचर सुरक्षित है, तब तक इसे भारत में लॉन्च नहीं किया जाएगा।
पहले इस नोटिस का जवाब देने की आखिरी तारीख 4 जुलाई थी, लेकिन वॉट्सऐप ने थोड़ा और वक्त मांगा था। कंपनी ने सरकार को यह लिखित भरोसा भी दिया था कि जब तक सरकार के साथ बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक वे भारत में इस फीचर को किसी भी हाल में चालू नहीं करेंगे। अब जब गुरुवार रात वॉट्सऐप ने अपना फाइनल लिखित जवाब सबमिट कर दिया है, तो सबकी नजरें आईटी मंत्रालय के अगले कदम पर टिकी हैं।
सरकार ने साफ कर दिया है कि भारत के आईटी कानून (IT Act 2000) के मुताबिक, जिस भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के भारत में 50 लाख से ज्यादा यूजर्स हैं, उसे सरकार के कड़े नियमों का पालन करना ही होगा। वॉट्सऐप के पास तो अकेले भारत में 80 करोड़ से ज्यादा यूजर्स का बड़ा बेस है। आईटी मंत्रालय ने फोन नंबर छिपाने वाले इसी फीचर को लेकर टेलीग्राम (Telegram), सिग्नल (Signal) और अरात्तई (Arattai) ऐप को भी नोटिस भेजा है। आईटी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि 'टेलीग्राम और सिग्नल को जवाब देने के लिए अभी थोड़ा और वक्त मिला हुआ है। जैसे ही उनका जवाब आएगा, सरकार उन पर भी विचार करेगी।'
जब तक आईटी मंत्रालय वॉट्सऐप के जवाब से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाता और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं देख लेता, तब तक भारत में बिना नंबर के वॉट्सऐप चलाने वाला फीचर नहीं आ सकता है। सरकार प्राइवेसी से ज्यादा देश के आम नागरिकों की साइबर सिक्योरिटी को प्रॉयरिटी दे रही है।
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