SIM Binding Rule: WhatsApp-Telegram यूजर्स के लिए अलर्ट, अब 6 घंटे में होगा ऑटो लॉगआउट

Published : Feb 26, 2026, 07:11 PM IST
WhatsApp

सार

साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए सरकार सिम बाइंडिंग नियम ला रही है। अब फोन में सिम होने पर ही WhatsApp जैसे मैसेजिंग ऐप चलेंगे। कंप्यूटर पर ये हर 6 घंटे में लॉग आउट हो जाएंगे।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने गुरुवार को साफ कर दिया है कि 'सिम बाइंडिंग' नियम लागू करने के लिए 28 फरवरी की डेडलाइन को किसी भी हाल में आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। नए नियमों के तहत, अगर मोबाइल फोन में सिम कार्ड नहीं होगा तो WhatsApp, Telegram, Signal, Snapchat, ShareChat, JioChat, Arattai और Josh जैसे मैसेजिंग ऐप्स काम नहीं करेंगे। इसके अलावा, जो लोग कंप्यूटर पर वॉट्सऐप इस्तेमाल करते हैं, उन्हें हर 6 घंटे में अपने आप लॉग आउट कर दिया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे साइबर धोखेबाजों को पकड़ने में मदद मिलेगी।

क्या है नया नियम? आप पर कैसे पड़ेगा असर?

सवाल: ये सिम बाइंडिंग क्या है?

जवाब: सिम बाइंडिंग एक सिक्योरिटी फीचर है। यह आपके मैसेजिंग ऐप को आपके सिम कार्ड से लॉक कर देता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि हैकर्स या धोखेबाज आपके नंबर को किसी दूसरे डिवाइस पर इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

सवाल: सिम बाइंडिंग का नियम कब से लागू होगा?

जवाब: जब आप सिम बाइंडिंग के जरिए ऐप को लिंक कर देंगे, तो वह ऐप तभी खुलेगा जब आपका रजिस्टर्ड सिम कार्ड फोन के अंदर होगा। यह नियम 1 मार्च, 2026 से लागू होगा।

सवाल: सरकार डेडलाइन बढ़ाने से क्यों मना कर रही है?

जवाब: केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि मौजूदा नियमों का पालन करने के लिए डेडलाइन बढ़ाने का कोई प्लान नहीं है। उन्होंने कहा कि ये नियम राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने और धोखाधड़ी रोकने के लिए लाए गए हैं, और सरकार सुरक्षा के मामलों में कोई समझौता नहीं करेगी।

सवाल: 1 मार्च के बाद यूजर्स को क्या करना होगा?

जवाब: यूजर्स को यह पक्का करना होगा कि उनके वॉट्सऐप नंबर से जुड़ा सिम कार्ड उसी फोन में लगा हो। सिम कार्ड निकालने पर मैसेजिंग ऐप काम करना बंद कर सकता है।

सवाल: इस पर टेक कंपनियों का क्या कहना है?

जवाब: इंडस्ट्री एसोसिएशन (IAMAI) ने सरकार को चेताया है कि हर छह घंटे में लॉग आउट करने का नियम उन प्रोफेशनल्स और यूजर्स के लिए परेशानी खड़ी करेगा जो एक ही अकाउंट शेयर करते हैं।

सवाल: अगर कंपनियां नियम नहीं मानती हैं तो क्या कार्रवाई होगी?

जवाब: केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक, कंपनियों को 120 दिनों के अंदर एक रिपोर्ट देनी होगी। अगर वे ऐसा नहीं करती हैं, तो उन पर दूरसंचार अधिनियम 2023, टेलीकॉम साइबर सुरक्षा नियम और दूसरे लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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