
नई दिल्ली। Har Ghar Tiranga: हर घर तिरंगा अभियान के तहत रोज लाखों झंडे बनाए जा रहे हैं। इनमें सिर्फ दिल्ली में स्थित गफ्फार मार्केट में रोज करीब डेढ़ लाख तिरंगा झंडा बनाया जा रहा है। यह झंडा 71 साल के अब्दुल गफ्फार की दुकान में सैंकड़ों कारीगर मिलकर बना रहे हैं, मगर ये भी कम पड़ रहे हैं, क्योंकि ऑर्डर रोज बढ़ता जा रहा है। अब्दुल गफ्फार, जिन्हें लोग अब्दुल गफ्फार झंडेवाले के नाम से जानते-पहचानते हैं।
भारत हैंडलूम क्लॉथ हाउस के नाम से मशहूर उनकी दुकान सदर बाजार के पान गली में बीते 60 साल से हैं। उनका कहना है कि पिछले कई साल से तिरंगा झंडा बना रहा हूं, मगर यह साल ऐतिहासिक है। अब यह दुकान बढ़कर हम छह भाइयों की हो गई है, मगर फुर्सत किसी के पास नहीं है। स्वतंत्रता दिवस के दिन तक फुर्सत नहीं मिलेगी, क्योंकि देश को आजाद हुए 75 साल हो चुके हैं और इस बार आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है।
इसी उपलक्ष्य में खास मुहिम हर घर तिरंगा अभियान चल रहा है। आगामी 13 से 15 अगस्त तक चलने वाली इस मुहिम के लएि देशभर में तिरंगा झंडा बनाया जा रहा है। दिल्ली में अब्दुल गफ्फार ने यह कमान संभाली हुई है। अब्दुल गफ्फार के अनुसार, आजादी के बाद से पिछले साल यानी 2021 के स्वतंत्रता दिवस तक हर रोज करीब पांच हजार तिरंगा झंडे बनते थे। मगर इस बार खास मुहिम की वजह से संख्या बढ़ गई और यह आंकड़ा रोज करीब डेढ़ लाख पहुंच गया है। ऐसे में दिन-रात कारीगर काम कर रहे हैं।
अब्दुल गफ्फार की दुकान पर इन दिनों दिन-रात काम हो रहा है। उनका कहना है कि जिस हिसाब से ऑर्डर आ रहे हैं, लगता है दो लाख रोज झंडे बनाने पड़ेंगे। ऐसे में कारीगर और बढ़ाने पड़ेंगे। ये पहले ही बहुत मुश्किल से मिल रहे हैं। पहले करीब 300 कारीगर काम कर रहे थे, अब यह संख्या बढ़कर पांच सौ हो गई है। लगता है दो से तीन सौ कारीगर और तलाशने होंगे। एक कारीगर रोज करीब ढाई सौ रुपए कमा लेता है। ज्यादातर कारीगर महिलाएं हैं।
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