Notbandi का आइडिया देने वाले शख्स की कहानी, 9 मिनट का समय मिला-पीएम मोदी 2 घंटे तक सुनते रहे

Published : Nov 08, 2021, 09:52 AM IST
Notbandi का आइडिया देने वाले शख्स की कहानी, 9 मिनट का समय मिला-पीएम मोदी 2 घंटे तक सुनते रहे

सार

नोटबंदी (Demonetisation) का आइडिया देने के लिए पीएम मोदी (PM Modi) और अनिल बोकिल (Anil Bokil) के बीच 9 मिनट की मीटिंग तय की गई, लेकिन जब बोकिल ने बोलना शुरू किया तो पीएम मोदी 2 घंटे तक सुनते रहे। 

नई दिल्ली. देश में नोटबंदी (Notbandi) के 5 साल पूरे हो चुके हैं। सरकार का ये फैसला कितना सफल रहा, इसका विश्लेषण अलग से किया जा सकता है, लेकिन पीएम मोदी (PM Modi) के दिमाग में ये आइडिया कहां से आया, ये जानना ज्यादा दिलचस्प है। दरअसल, पीएम मोदी के पास नोटबंदी का आइडिया लेकर आने वाले अनिल बोकिल (Anil Bokil) थे। अर्थक्रांति प्रतिष्ठान के अनिल बोकिल पेशे से इंजीनियर हैं और मुंबई में कुछ महीनों तक डिफेंस सर्विस से जुड़े रहे। एक इंटरव्यू में अनिल ने बताया था कि नोटबंदी का आइडिया लेकर वे पीएम मोदी के पास पहुंचे थे। तब उन्हें मुलाकात के लिए सिर्फ 9 मिनट का समय दिया गया था, लेकिन जब चर्चा शुरू हुई तो 2 घंटे तक चली। 

अनिल बोकिल ने नोटबंदी से क्या फायदा बताया था?
अर्थक्रांति संस्थान की तरफ से अनिल बोकिल ने नोटबंदी (Demonetisation) के फायदे बताए थे। उन्होंने कहा था कि नोटबंदी लागू करने से वस्तुओं के दाम कम होंगे। इसके अलावा सामान की मांग बढ़ेगी, जिससे प्रोडक्शन बढ़ाना पड़ेगा। प्रोडक्शन के लिए लोगों की जरूरत पड़ेगी। यानी रोजगार बढ़ेगा। इतना ही नहीं। बैंकों से आसान और सस्ता लोन मिल सकेगा। इसके अलावा जमीन और प्रॉपर्टी की कीमत कम होगी। 

नोटबंदी से आतंकवाद-नक्सलवाद पर क्या फर्क पड़ा?
एक मीडिया संस्थान ने अनिल से सवाल किया कि नोटबंदी से टेररिज्म और नक्सलवाद (Terrorism-Naxalism) पर क्या फर्क पड़ा। जवाब में अनिल ने कहा कि नोटबंदी के बाद नक्सलवाद और आतंकवाद पर नकेल कसी गई है। पहले इन्हें आसानी से फंडिंग मिल जाती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं होता है। कश्मीर में बड़ा असर देखने को मिला है। 

क्या नोटबंदी करने से ब्लैक मनी पर लगाम लग गई?
नोटबंदी के बाद कालेधन पर क्या फर्क पड़ा, इस सवाल के जवाब में अनिल ने कहा, नोटबंदी के बाद लेन-देन में ट्रांसपेरैंसी बढ़ी है। लोगों को ट्रैक करना आसान हो गया है। वाइट मनी का सर्कुलेशन बढ़ा है। कम ब्याज दर पर बैंकों से लोन मिल रहा है। महाराष्ट्र की बात करें तो डिजिटाइजेशन की वजह से हर दि यहां रेड हो रही है। बेनामी संपत्तियों को जब्त किया जा रहा है।

नोटबंदी का आइडिया देने वाले अनिल बोकिल कौन हैं?
अनिल बोकिल पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर हैं और पुणे में थिंक टैंक अर्थक्रांति के संस्थापक हैं। वे महाराष्ट्र के लातूर के रहने वाले हैं। उन्होंने साल 1999 में अर्थक्रांति को लेकर काम करना शुरू किया और 2004 में अर्थक्रांति को एक संगठन के रूप में रजिस्टर करा लिया। बोकिल कई सामाजिक आर्थिक परियोजनाओं में शामिल है। जैसे कि टिनी इंडस्ट्रीज कॉप इंडस्ट्रियल एस्टेट। ये 75 छोटो Entrepreneurs का एक ग्रुप है, जिसे बोकिल ने ही शुरू किया। 

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