
भारत के आईटी हब बेंगलुरु में जीवन यापन की लागत दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, यह कोई नई बात नहीं है। इससे जुड़े कई पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। ऐसा ही एक पोस्ट आजकल चर्चा में है। ज्यादातर लोग कहते हैं कि चाहे कितनी भी कमाई हो, खर्चों के बाद कुछ नहीं बचता। लेकिन, लिंक्डइन पर इस पोस्ट ने लोगों को थोड़ा भ्रमित कर दिया है। बेंगलुरु के एक 'प्रिंसिपल सॉफ्टवेयर इंजीनियर' का कहना है कि 1.8 करोड़ सालाना वेतन मिलने के बावजूद उनका गुजारा नहीं हो पा रहा है।
युवक की शिकायत है कि वह शहर में जी नहीं पा रहा है। लग्जरी कार की ईएमआई (बीएमडब्ल्यू / मर्सिडीज) 80,000 रुपये, घर के काम में मदद और कपड़े धोने के लिए 15,000 रुपये, स्विगी / ज़ोमैटो ऑर्डर 70,000 रुपये, फाइव स्टार होटलों में कॉकटेल और बढ़िया भोजन के लिए 1.2 लाख रुपये। गोवा और दुबई के लिए वीकेंड ट्रिप पर 1 लाख रुपये, साथ ही ब्रांडेड कपड़े और जिम का खर्च। युवक का दुख है कि इतना खर्च करने के बाद उसके पास जीने के लिए पैसे नहीं बचते हैं।
पोस्ट पर कई लोगों ने कमेंट किए। कई लोगों ने युवक का मजाक उड़ाया। एक व्यक्ति ने मजाक में पूछा कि क्या उसे अधिक वेतन वाली नौकरी की तलाश नहीं करनी चाहिए। इसी तरह, कई लोगों ने युवक के पोस्ट पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए पूछा कि क्या यह सब सच है।
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