
Bharat Divorce Rules Alimony Maintenance Laws: भारत में तलाक, गुजारा भत्ता और दहेज से जुड़े कानूनों में महिलाओं को विशेषाधिकार प्राप्त हैं। यूं तो ये कानून देश की आधई आबादी को न्याय दिलाने के लिए बनाए गए हैं। लेकिन अब इसका मिस यूज ज्यादा किेए जाने लगा है। अब शादी चलाने से ज्यादा तलाक लेने और एल्युमिनी की रकम वसूलने में ज्यादा फोकस हो गया है। शायद इसी वजह से शादियां भी नहीं चल रही हैं। अब जबकि महिलाएं की हर जगह भागीदारी और समाज में दखल बढ़ गया है तो लोगों की मांग है महिला और पुरुष दोनों को न्याय की समान सुविधा मिल सके।
सोशल मीडिया पर कोर्ट में दहेज और महिलाओं से जुड़े मामलों की क्लिप तेजी से वायरल हो जाती है। दरअसल समाज में ऐसे मामले तेजी से बढ़े हैं। अब हाईकोर्ट में केसों की लाइव स्ट्रीमिंग की जाने लगी है, ऐसे में जजों और वकीलों के साथ पक्षकारों की जिरह की घटनाएं तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रही है। ऐसा ही एक मामले की वीडियो सामने आया है, जहां एक सरदार के खिलाफ 498 ए के मामले की सुनवाई करते हुए जज ने बड़ी रकम एल्युमिनी में देने का फरमान सुनाया। इसके अलावा उसे हर महीने कम से कम 25 हजार रुपए हर महीने गुजारा भत्ता देने की भी बात कही।
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पक्षकार लगातार कहता रहा कि उसकी कमाई ज्यादा नहीं है, उसने न्यायालय को ये भी बताया कि उसके पास 25 लाख की रकम जरुर है,लेकिन उसने इसे अपनी हाड़तोड़ मेहनत करके कमाया है। वो ऐसे ही किसी को नहीं देगा। इसके बाद जज ने हर महीने देने वाली रकम देने पर जोर डाला। साथ ही फरमान सुना दिया कि ऐसा नहीं करने पर उसे यहीं से जेल भेज दिया जाएगा। आखिरकार पक्षकार ने 5 से 6 हजार देने की बात कही। इस पर जज ने कहा नहीं इससे काम नहीं चलेगा। इसपर सरदार जी ने 8 हजार फिक्स करने को कहा। जिस पर जज ने कम से कम 10 हजार रुपए देगा।
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