क्या एलियन्स सच में हैं? जापान के प्रोफेसर के 1983 में भेजा था मैसेज-हैलो, क्या वहां कोई है? 4 दशक बाद आया जवाब!

Published : Aug 22, 2023, 12:01 AM ISTUpdated : Aug 22, 2023, 12:04 AM IST
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सार

प्रोफेसर मसाकी मोरिमोटो और हिसाशी हीराबायशी ने 15 अगस्त, 1983 को अंतरिक्ष में रेडियो सिग्नल्स की एक सीरीज प्रसारित करने के लिए अमेरिका में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के एंटीना का उपयोग किया।

Extraterrestrial Life signals: अंतरिक्ष में आकाश गंगा के बाहर भी कहीं जीवन है, एलियन लाइफ का सच जानने के लिए कई दशक पूर्व भेजी गई रेडियो तरंगों के सिग्नल का इंतजार खत्म होने को है। एस्ट्रोनॉमर्स बताते हैं कि चार दशक पहले भेजे गए रेडियो सिग्नल का जवाब आने वाला है जो संभावित अलौकिक जीवन की मौजूदगी की पुष्टि भी करेंगे। जापानी समाचार पत्र असाही शिंबुन की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रोफेसर मसाकी मोरिमोटो और हिसाशी हीराबायशी ने 15 अगस्त, 1983 को अंतरिक्ष में रेडियो सिग्नल्स की एक सीरीज प्रसारित करने के लिए अमेरिका में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के एंटीना का उपयोग किया। इन सिग्नल्स के माध्यम से पृथ्वी की इवोलुश्नरी इतिहास, मानवीय पहचान सहित अन्य इंफार्मेटिव कंटेंट के 13 विजुअल शामिल थे।

1983 में भेजे गए मैसेज का जवाब रिसीव करने के लिए लग रहा एंटीना

1983 दूसरे ग्रह पर रहने वाले एलियन्स के लिए जो मैसेज भेजा गया था, उसका जवाब रिसीव करने के लिए एक एंटीना लगाया जा रहा है। ह्योगो विश्वविद्यालय में शिन्या नरूसावा के नेतृत्व में एक टीम नागानो प्रान्त के साकू में 64 मीटर व्यास वाला एंटीना लगाने की तैयारी कर रहा है। इस एंटीना का उद्देश्य उन रेडियो संकेतों की निगरानी करना है जो 1983 के संदेश के जवाब में हो सकते हैं।

कहां से जवाब आने की उम्मीद

खगोल विज्ञानी, अल्टेयर से जवाब की उम्मीद में हैं। पृथ्वी से 16.7 प्रकाश वर्ष दूर स्थित अल्टेयर से चार दशक बाद जवाब मिलने की आशा है। यह अंतरिक्ष के एक्विला तारामंडल में स्थित है। आकाश में रात को चमकने वाले तारों में अल्टेयर 12वां सबसे चमकीला तारा है।

अल्टेयर ग्रह पर ही जीवन की उम्मीद

शिन्या नरूसावा ने बताया कि 1990 के दशक से बड़ी संख्या में एक्सोप्लैनेट का पता लगाया गया है। अल्टेयर एक ग्रह हो सकता है जिसका पर्यावरण जीवन को बनाए रख सकता है। रिसर्च करने वालों का अनुमान है कि इस समय सीमा के आसपास अल्टेयर से पृथ्वी तक प्रतिक्रिया पहुंचने का सबसे पहला अवसर होगा। टीम इस जवाब को रिसीव करने के लिए डिवाइस लगा रही है। आकाश को स्कैन करने के लिए मध्य जापान के साकू में जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) के एंटीना को मंगलवार रात (22 अगस्त, शाम 6:30 बजे IST) 10 बजे JST से शुरू करने के लिए निर्धारित किया है।

जापान में स्टार फेस्टिवल

दरअसल, जिस दिन जापान को दूर दूसरे ग्रह से मैसेज का जवाब मिलने की उम्मीद है, वह 22 अगस्त, देश के लिए कई मायने में महत्वपूर्ण है। जापान के सातवें महीने के सातवें दिन तनबाता मनाया जाता है। इसे आमतौर पर स्टार फेस्टिवल भी कहा जाता है।

क्या मैसेज भेजा गया था?

15 अगस्त 1983 को अंतरिक्ष के दूसरे ग्रह को एक संदेश भेजा गया था। यह संदेश था-हैलो, क्या वहां कोई है? दरअसल, अंतरिक्ष में अन्य ग्रहों पर जीवन की खोज करने वाले जापान के अग्रणी वैज्ञानिक मासाकी मोरिमोटो ने टोक्यो विश्वविद्यालय की टोक्यो एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जर्बेटरी में काम करते हुए यह संदेश प्रसारित किया था। इस संदेश का जवाब चार दशक बाद अब आने की उम्मीद है। हालांकि, प्रोफेसर मासाकी मोरिमोटो अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनका निधन 2010 में हो गया था। उनकी टीम का हिस्सा रहे 58 वर्षीय शिन्या नरूसावा को दृढ़ विश्वास है कि पृथ्वी से परे ब्रह्मांड के भीतर मानव सरीखा इंटेलीजेंट जीवन मौजूद है।

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