
ट्रेंडिंग डेस्क. सोशल मीडिया पर एक वैज्ञानिक ने दावा किया है कि सहारा रेगिस्तान का 1.2 प्रतिशत हिस्सा पूरी दुनिया को बिजली देने की क्षमता रखता है। दुनिया की बढ़ती पावर डिमांड और तेजी से घटते परंपरागत स्त्रेतों पर टिप्पणी करते हुए वैज्ञानिक ने ट्विटर पर एक रिसर्च शेयर करते हुए ये बात कही, जिससे दुनिया के सबसे रईस व्यक्ति एलन मस्क भी सहमत नजर आए।
ऐसे मिल सकती है पूरी दुनिया को बिजली
Massimo नाम के ट्विटर हैंडल से रिसर्च शेयर करते हुए कहा गया कि अब पूरा भविष्य सोलर एनर्जी पर निर्भर है पर हम इस ताकत का सही इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। ट्विटर पोस्ट में कहा गया कि एक गणना के मुताबिक अगर हम सहारा रेगिस्तान के केवल 1.2 प्रतिशत हिस्से पर ही सोलर पैनल लगा दें तो इससे पूरी दुनिया के लिए बिजली आपूर्ति की जा सकती है।
एलन मस्क ने किया समर्थन
Massimo के इस पोस्ट पर दो पुरानी रिसर्च के लिंक भी शेयर किए गए, जिसमें बताया गया कि कैसे पूरी धरती की पावर डिमांड को सोलर एनर्जी से पूरा किया जा सकता है। इस पोस्ट पर ट्विटर के सीईओ एलन मस्क ने कहा, 'निश्चित तौर पर धरती पर पहुंचने वाली सौर्य ऊर्जा से हमसे सौ गुना बड़ी सभ्यता की बिजली आपूर्ति की जा सकती है'। इस रिसर्च में World Energy Stats के आंकड़ों के जरिए बताया गया कि वर्तमान में कोयाला, हाइड्रोइलेक्ट्रिक, ईधन, आदि स्त्रोतों से धरती पर 17.3 टैरावॉट बिजली की खपत होती है।
क्या कहती है सोलर थ्योरी?
इस थ्योरी के मुताबिक अगर पृथ्वी पर 335x335 किलोमीटर पर सोलर पैनल लगा दिए जाएं तो ये 17.4 टैरावॉट से भी ज्यादा बिजली पैदा कर सकते हैं। इसके लिए सहारा रेगिस्तान सबसे सही जगह बताई गई क्योंकि यहां 12 घंटे से भी ज्यादा वक्त तक सूर्य की रोशनी होती है। हालांकि, कई वैज्ञानिक इस थ्योरी से असहमत नजर आए, उन्होंने कहा कि ये केवल कागजों में अच्छी लगती है इसे हकीकत में कर पाना फिलहाल संभव नहीं है।
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