
Ethanol Blending Vintage Mercedes Car Engine Damage: भारत में पेट्रोल में बढ़ते एथेनॉल के इस्तेमाल ने विंटेज कारों के लिए गंभीर दिक्कतें खड़ी कर दी हैं। सबसे ज्यादा समस्या मसिडीज के ओल्ड मॉडलों के लिए हो रही है। भारत सरकार ने 2025 तक पेट्रोल में 20% तक एथेनॉल मिक्स करने के टारगेट को पूरा कर लिया है, इससे पर्यावरण संरक्षण ( environmental protection) के साथ energy autonomy की ओर एक बड़ा कदम बढ़ा है। लेकिन यह पहल ओल्ड और क्लासिक कारों के मैकेनिकल सिस्टम के लिए बेहद चैलेंजिंग साबित हो रहा है।
एथेनॉल एक बायोफ्यूल है जो पेट्रोल में मिलाकर इस्तेमाल होता है, ये पेट्रोल जितना तो नहीं लेकिन फ्यूल का अच्छा उदाहरण है। ये जीवाष्म ईधन है, इससे प्रदूषण कम होता है। भारत में एथेनॉल का उपयोग बढ़ा है। मोदी सरकार ईधन पर विदेशी निर्भरता को मिनीमम करना चाहता है। यही वजह की एक लीटर पेट्रोल का पांचवा हिस्सा एथेनॉल होता है।
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इस नए पेट्रोल ने पुराने इंजनों में इस्तेमाल होने वाले मैटेरियल और तकनीकें एथेनॉल के साथ संगत नहीं होतीं। विशेषकर विंटेज कारों के फ्यूल इंजन सिस्टम में एथेनॉल ने पूरे तंत्र को गड़बड़ा दिया है। मसिडीज के विंटेज कार ऑनर ने शिकायतें की हैं कि नए पेट्रोल की वजह से उनकी कारें कचरा हो रही हैं। मेंटेनेंस कॉस्ट बढ़ रही है। विंटेज कार को रिपेयर और मेंटेनेंस के अपने चैलेंजेस है। मोदी सरकार की अब यह नई नीति कार मालिकों के लिए महंगा सौदा साबित हो रही है।
वहीं अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव का समय है और आने वाले वर्षों में एथेनॉल कम्पैटिबल इंजन और फ्यूल टेक्नोलॉजी विकसित की जाएगी, लेकिन फिलहाल विंटेज कार को लेकर सावधानी रखें और इंधन चुनते समय विशेषज्ञों की सलाह जरुर लें। इसके अलावा, कई एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि पुराने वाहनों के लिए ईंधन में एथेनॉल के प्रतिशत को कंट्रोल रखा जाए।
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