
ट्रेंडिंग डेस्क। ऋषि सुनक भले ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने और इस बात को दो दिन बीत चुके हैं, मगर इसकी चर्चा दुनियाभर खासकर पाकिस्तान और भारत में अब भी जोरशोर से हो रही है। 85 प्रतिशत गोरों वाले देश में किसी हिंदू के प्रधानमंत्री बनने की मिसालें दी जा रही हैं, दलीलें दी जा रही है और एक दूसरे पर निशाना साधा जा रहा है। दुनियाभर में कुछ इस्लामिक देश और खुद भारत में तमाम नेता इस बात पर हंगामा मचा रहे हैं कि भारत में किसी अल्पसंख्यक को इस पद पर अब तक क्यों नहीं बिठाया गया।
बहरहाल, इस बारे में जम्मू-कश्मीर रैंक के आईएएस अफसर शाह फैसल ने सोशल मीडिया पर ट्वीट के जरिए ऐसे सवाल करने वालों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने भारत की खूबसूरती बयां करते हुए माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा, यह सिर्फ भारत में संभव है, जहां कश्मीर का मुस्लिम युवक भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा में टॉप कर सकता है। यही नहीं, वह सरकार के तमाम विभागों में शीर्ष पद पर भी पहुंच सकता है।
देश में कभी अल्पसंख्यकों से भेदभाव नहीं हुआ
वर्ष 2009 के यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन के टॉपर रहे शाह ने ट्वीट में आगे लिखा, वह आइएएस अफसर सरकार के खिलाफ जा सकता है और फिर सरकार ही उसे बचाती तथा अपनाती भी है। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, हां यह जरूर है कि ऋषि सुनक के ब्रिटिश प्रधानमंत्री बनने से हमारे कुछ पड़ोसी देश जरूर हैरान हो जाएं। इन देशों में संविधान गैर इस्लामिकों को सरकार के प्रमुख विभागों तक पहुंचने से रोकता है। वैसे, भारत के संविधान ने धार्मिक और जातीय आधार पर अल्पसंख्यकों से कभी भी भेदभाव नहीं किया। शाह ने ट्वीट में लिखा, भारत में मुस्लिम समुदाय के लोग बराबरी के दर्जे के साथ जीते हैं। वे इतनी आजादी के साथ रहते हैं, जिसके बारे में इस्लामिक देश सोच भी नहीं सकते।
मौलाना आजाद से लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तक का जिक्र
शाह फैसल ने अपना उदाहरण देते हुए लिखा, मेरी अपनी लाइफ सफर की तरह है। मैं 130 करोड़ देशवासियों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चला। इस देश में मैंने प्यार, अपनापन, प्रोत्साहन और सम्मान महसूस किया। यही भारत है। उन्होंने ट्वीट में मौलाना आजाद से लेकर मनमोहन सिंह, जाकिर हुसैन और मौजूदा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तक का जिक्र करते हुए कहा कि इंडिया हमेशा सभी के लिए बराबर अवसरों वाला देश रहा है। यहां टॉप पर पहुंचने के लिए सभी को समान अवसर मिलते हैं और सभी के लिए रास्ते खुले हैं।
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