
वाशिंगटन। धरती को विनाशकारी एस्टेराइड से बचाने के लिए अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने सफल परीक्षण किया है। नासा ने इसके तहत अपने डार्ट मिशन को अंजाम दिया है। नासा का यह बहुप्रतीक्षित प्रयोग एस्टेराइड की दिशा और स्पीड बदलने में पूरी तरह कामयाब रहा। दुनियाभर के वैज्ञानिकों ने इस परीक्षण की तारीफ की है और नासा वैज्ञानिकों को इसके लिए बधाई दी है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, टक्कर के समय स्पीड 22 हजार 500 किलोमीटर प्रति घंटा थी।
वैज्ञानिकों ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए सफल परीक्षण करार दिया है। भारतीय समय अनुसार तड़के करीब पौने पांच बजे यह इतिहास रचा गया है। यह कीर्तिमान था भविष्य में धरती को विनाशकारी एस्टेराइड की टक्कर से बचाने के लिए। अमरीकी एजेंसी ने इस प्रयोग के तहत अपने डाट मिशन को अंजाम दिया है। वैज्ञानिकों ने बताया कि वैसे तो प्रयोग सफल रहा, मगर अभी हम फाइनल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं और इसके आने के बाद ही पुख्ता तौर पर कुछ कह पाएंगे।
बहरहाल, शुरुआती रिपोर्ट देखने के बाद नासा के वैज्ञानिकों को भरोसा हो गया है कि उनका परीक्षण सफल रहा है। नासा की ओर से माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर अपने ऑफिशियल अकाउंट हैंडल से शेयर की गई पोस्ट में बताया गया है कि फुटबाल स्टेडियम के बराबर डिमॉरफोस से स्पेसक्रॉफ्ट अब से कुछ घंटे पहले टकराया। यह सफल महाटक्कर होते ही नासा वैज्ञानिकों की टीम ने तालियां बजाकर खुशियां मनानी शुरू कर दी।
वैज्ञानिक कर रहे फाइनल रिपोर्ट का इंतजार
बता दें कि नासा वैज्ञानिक डार्ट प्रोजेक्ट में यह देखना चाहते थे कि क्या एस्टेराइड पर स्पेसक्रॉफ्ट की टक्कर का कोई प्रभाव पड़ता है या नहीं। साथ ही स्पेसक्रॉफ्ट से टकराने के बाद एस्टेराइड की स्पीड और इसकी दिशा प्रभावित होती है या नहीं। नासा वैज्ञानिकों के अनुसार, शुरुआती रिपोर्ट में तो यह महाटक्कर सफल प्रतीत हो रही है, मगर फाइनल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है और इसके बाद ही इस बारे में सीधे तौर पर बताया जा सकता है कि टक्कर का प्रभाव कितना रहा और स्पेसक्रॉफ्ट तथा एस्टेराइड की टक्कर का असर किस तरह पड़ा।
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