जेल में बंद सपा विधायक रमाकांत यादव से मिलने पहुंचे अखिलेश, जानिए क्या है आगे की तैयारी

Published : Aug 22, 2022, 04:23 PM IST
जेल में बंद सपा विधायक रमाकांत यादव से मिलने पहुंचे अखिलेश, जानिए क्या है आगे की तैयारी

सार

अखिलेश यादव इटौरा स्थित जेल में बंद निरुद्ध पार्टी के विधायक रमाकांत यादव से मिलने पहुंचे। एक घंटे तक चली इस मुलाकात में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। इस मुलाकात को सियासी नजरिए से जोड़ कर देखा जा रहा है।

आजमगढ़: सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव 22 अगस्त को दोपहर दो बजे निरुद्ध पार्टी के विधायक रमाकांत यादव से मिलने इटौरा जेल पहुंचे। एक घंटे की मुलाकात के बाद अखिलेश यादव वापस लखनऊ की ओर रवाना हुए। उनके द्वारा किए गए इस दौरे को सियासत से जोड़ कर देखा जा रहा है। अखिलेश यादव पार्टी में संगठन के स्तर को मजबूती देने के लिए विधायक रमाकांत यादव से मुलाकात करने जेल गए थे। रमाकांत यादव बहुचर्चित माहुल शराब कांड और अन्य कई केसों के चलते जेल में सजा काट रहे हैं। 

रमाकांत यादव से मिलने जेल पहुंचे अखिलेश यादव
अदालत उनको एससी-एसटी मामले में पहले ही जमानत दे चुकी है लेकिन अन्य मामलों में जमानत न मिलने के कारण वह जेल में बंद हैं। अखिलेश यादव उनसे जेल में मुलकात करने के लिए लखनऊ से करीब 10 बजे रवाना हुए थे। आजमगढ़ में एक दिन के कार्यक्रम के दौरान निवर्तमान जिला अध्यक्ष हवलदार यादव ने बताया था कि अखिलेश यादव का रमाकांत यादव से मिलने के अलावा अन्य कोई कार्यक्रम निर्धारित नहीं है। निरुद्ध पार्टी के विधायक रमाकांत यादव से अखिलेश यादव की मुलाकात को सियासत से जोड़ कर देखा जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि 2024 में आने वाले चुनावों के लिए वह अभी से तैयारियों में जुट गए हैं। 

सियासत से जोड़ी जा रही यह मुलाकात
इस दौरान अखिलेश यादव के साथ सदर विधायक दुर्गा प्रसाद यादव और निवर्तमान जिला अध्यक्ष हवलदार यादव भी उनके साथ थे। अंदेशा लगाया जा रहा है कि रमाकांत के जरिए चुनावी गढ़ को साधने की तैयारी की जा रही है। वहीं इटौरा स्थित जेल आते समय पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सेहदा के पास पूर्व मंत्री चंद्रदेव राम यादव करैली ने उन्हें रोककर उनका स्वागत किया। अखिलेश यादव द्वारा इस्तीफा दिए जाने के बाद धर्मेंद्र यादव ने यहां से चुनाव लड़ा था। लेकिन वह निरहुआ से हार गए थे। उपचुनाव में मिली हार के बाद पहली बार अखिलेश यादव सियासी वजहों से आजमगढ़ पहुंचे हैं।

 

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