डकैती के लिए मशहूर इलाके में हो रही अग्निवीर भर्ती की तैयारी, रिटायर्ड फौजी ने बदल दी पूरी तस्वीर

Published : Sep 13, 2022, 05:18 PM IST
डकैती के लिए मशहूर इलाके में हो रही अग्निवीर भर्ती की तैयारी, रिटायर्ड फौजी ने बदल दी पूरी तस्वीर

सार

यूपी के जिले चित्रकूट में डकैतों के लिए मशहूर इलाकों में आज अग्निवीर भर्ती की तैयारी हो रही है। जिसके बाद रिटायर्ड फौजी ने पूरी तस्वीर बदल दी। उनकी प्रशंसा हर कोई कर रहा है। इतना ही नहीं उन्होंने अकादमी खोलकर निःशुल्क ट्रेनिंग दे रहे है।

चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के जिले चित्रकूट में एक ऐसी जगह है, जहां डकैती बहुत होती थी। इस वजह से लोगों में काफी दहशत भी हुआ करती थी। अब यहां पर युवा अग्निवीर बनने का प्रशिक्षण ले रहे हैं। अभ्यर्थियों को सेना से रिटायर्ड फौजी प्रशिक्षित कर रहे है। अग्निवीर भर्ती के लिए तैयारी कर रहे कई अभ्यर्थियों के लिए सुनहरा अवसर मिला है क्योंकि दहशत भरे इलाके में एक फौजी से ट्रेनिंग लेने का मौका मिला है। उन्होंने अपनी एक अकादमी खोली है और निःशुल्क ट्रेनिंग दी जाती है।

एक दर्जन से अधिक युवतियां 
जानकारी के अनुसार शहर के पाठा के बीहड़ में कभी डकैतों की दहशत हुआ करती थी। युवाओं को मारकुंडी के सेवानिवृत्त फौजी प्रदीप शुक्ला प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने श्री मारकंडे प्री ऑर्मी नाम की ट्रेनिंग अकादमी खोली है। जिसमें युवाओं को निःशुल्क ट्रेनिंग दी जाती है। इतना ही नहीं उनकी अकादमी में अभी 60 से ज्यादा युवा प्रशिक्षण ले रहे हैं। साथ ही इस ट्रेनिंग में एक दर्जन युवतियां भी शामिल हैं। डकैतों की मनपंसद जगह मानिकपुर के जंगलों में अब गोली की आवाज नहीं बल्कि भारत माता की जय व वंदे मातरम् की गूंज सुनाई देती है। 

इन इलाकों से ट्रेनिंग लेने के लिए आ रहे युवा
देश की सेवा के गुण अभ्यर्थियों को मारकुंडी के रहने वाले पूर्व फौजी प्रदीप शुक्ला सिखा रहे हैं। जिसकी वजह से वह पूरे इलाके में यूथ आइकॉन बने हैं। श्री मारकंडे प्री ऑर्मी अकादमी में वो दौड़ से लेकर आर्मी में होने वाली सभी ट्रेनिंग दे रहे हैं। रिटायर्ड फौजी प्रदीप बताते हैं कि युवाओं में अग्निवीर बनने की ललक बढ़ी है इसलिए तो बराह, मारकुंडी, डोडा माफी, गोपीपुर, टिकारिया, बभियां, रानीपुर व सकरौहा इत्यादि जैसे बीहड़ गांवों के युवा प्रशिक्षण ले रहे हैं। 

साल 2018 में फौजी ने खोला था ट्रेनिंग सेंटर
पूर्व फौजी प्रदीप का कहना है कि वो 31 जुलाई 2017 में सेना से सेवानिवृत हुए थे और तभी संकल्प लिया था कि बीहड़ के युवाओं को देश की सेवा के लिए तैयार करेंगे। साल 2018 में ट्रेनिंग सेंटर खोला लेकिन कोरोनाकाल पूरे देश में आ गया। इसकी वजह से देश की रफ्तार थम गई थी फिर भी उनके यहां युवाओं में प्रशिक्षण का जोश कम नहीं हुआ था। उन्होंने आगे बताया कि जनवरी 2022 में तीन युवाओं का चयन सेना में हुआ है। अकादमी में इस समय 50 युवक और 11 युवतियां ट्रेनिंग ले रही हैं। इतना ही नहीं सभी को खाने पीने व रहने की फ्री सुविधा दी गई है। रिटायर्ड फौजी के काम को लेकर एसडीएम प्रमेश श्रीवास्तव ने सराहना की है। 

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