माघ मेला शुरू होने से पहले ही कोरोना का अटैक, पहली बार ऐसे होगा 45 दिन का कल्पवास

Published : Jan 13, 2021, 06:37 PM IST
माघ मेला शुरू होने से पहले ही कोरोना का अटैक, पहली बार ऐसे होगा 45 दिन का कल्पवास

सार

डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने कहा कि कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करते हुए श्रद्धालुओं को संगम का स्नान कराया जाएगा। इसके लिए संगम पर एक किलोमीटर लंबा घाट बनाया गया है। इसके अलावा हर सेक्टर में घाट बनाए गए हैं। मेला क्षेत्र में प्रवेश के लिए 16 प्रवेश द्वार है। संगम क्षेत्र में भीड़ बढ़ी तो लोगों को डायवर्ट भी किया जाएगा।  

प्रयागराज (Uttar Pradesh) । कोरोना काल में देश का सबसे बड़ा मेला आयोजित होने जा रहा है। जहां लाखों श्रद्धालु संगम तट पर आस्था की डुबकी लगाएंगे। लेकिन, इस बार का मेला हर बार से अलग होगा, क्योंकि मेला क्षेत्र में उसी की एंट्री मिलेगी, जिसकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव होगी। इतना ही नहीं 45 दिन का कल्पवास पर आने वाले भक्तों को समीप के ही घाटों पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ स्नान करना होगा। वहीं, मेला शुरू होने से पहले ही कोरोना वायरस से ने अटैक कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 10 पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव मिले हैं

तैयारियों में लगे 10 पुलिस कर्मी कोरोना पॉजिटिव
मेला की तैयारियों में लगे पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 10 पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव मिले हैं, जिनमें 7 कॉन्स्टेबल, 2 हेड कॉन्स्टेबल और एक सब इंस्पेक्टर कोरोना संक्रमित हुए हैं। इनके अलावा पांच होमगार्ड के जवान भी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, जिससे पुलिस वालों में खौफ है। 

एक किमी लंबे बनाए गए घाट
डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने कहा कि कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करते हुए श्रद्धालुओं को संगम का स्नान कराया जाएगा। इसके लिए संगम पर एक किलोमीटर लंबा घाट बनाया गया है। इसके अलावा हर सेक्टर में घाट बनाए गए हैं। मेला क्षेत्र में प्रवेश के लिए 16 प्रवेश द्वार है। संगम क्षेत्र में भीड़ बढ़ी तो लोगों को डायवर्ट भी किया जाएगा।

 

ये है कोरोना से बचने की तैयारी
-मेले के 16 प्रवेश मार्गों में थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था।
-मेले में जरूरी दुकानों को छोड़कर बाकी दुकानों पर पाबंदी रहेगी।
- 6 बूथों पर कोरोना एंटीजन और RTPCR टेस्ट की व्यवस्था।
-मेला क्षेत्र में 20 मोबाइल परीक्षण वैन लगाई जाएंगी।
-संक्रमितों की पहचान के लिए 100 टीमें डोर टू डोर जांच करेंगी।
-मेले में प्रवास के दौरान सभी कल्पवासियों का तीन बार एंटीजन टेस्ट कराया जाएगा।
-20-20 बेड के दो अस्पताल त्रिवेणी सेक्टर और चार अस्पताल में गंगा सेक्टर में बने हैं।
-हर 15 दिन में एंटीजन टेस्ट भी कराया जाएगा।

संक्रमित मिलने ही शिविर के लोग होंगे आइसोलेट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कल्पवासियों का डेटाबेस भी तैयार किया जा रहा है। 15-15 दिनों में दो बार रैपिड एंटीजन किट से हर कल्पवासी की कोविड जांच भी कराई जाएगी। इतना ही नहीं, यदि किसी शिविर में अगर एक भी श्रद्धालु की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो सभी लोगों को 15 दिन के लिए आइसोलेट भी किया जाएगा। 

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