यूपी में बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। यूपी सरकार की तरफ से इस साल ने तो बिजली दरें बढ़ेंगी और न ही स्लैब परिवर्तन होगा।
लखनऊ : यूपी में बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। यूपी सरकार की तरफ से इस साल ने तो बिजली दरें बढ़ेंगी और न ही स्लैब परिवर्तन होगा। इसके संकेत राज्य विद्युत नियामक आयोग की राज्य सलाहकार समिति की बैठक में सदस्यों के रुख से से मिला है। नियामक आयोग ने भी साफ किया है कि वह बिजली कंपनियों की अक्षमता का बोझ उपभोक्ताओं पर डालने के पक्ष में नहीं है।
बिजली की दरे बढ़ाने की जगह अपनी परफार्मेंस पर देना होगा ध्यान
साल दर साल दरें बढ़ाने के बजाय बिजली कंपनियों को घाटे से उबरने के लिए अपनी परफार्मेंस में सुधार करने को लेकर ध्यान देना होगा। ताकि परफार्मेंस सुधर सके। दिलचस्प बात यह रही कि बिजली कंपनियों ने सलाहकार समिति में भी स्लैब परिवर्तन प्रस्ताव के प्रस्तुतिकरण का प्रयास किया लेकिन कुछ सदस्यों ने इसका विरोध किया जिसके चलते उन्हें कामयाबी नहीं मिल पाई और इस साल इसको भी नहीं बढ़ाया जायेगा।
इस साल की दरों को लेकर सदस्यों ने रखी अपनी राय
इसके बाद सदस्यों ने इस साल की दरों पर अपनी-अपनी राय रखी है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं के निकल रहे 22,045 करोड़ रुपये के एवज में अगले 5 वर्षों तक हर साल बिजली दरों में सात प्रतिशत की कमी की वकालत की है। जिसके बाद उनका कहना है कि बिजली कंपनियों द्वारा मामला अपीलेट ट्रिब्यूनल में होने की बात कहना गलत है क्योंकि ट्रिब्यूनल ने न तो स्थगनादेश दिया है और न ही कोई अंतरिम आदेश। वर्मा ने नोएडा पावर कंपनी लि. (एनपीसीएल) के ऊपर ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के उपभोक्ताओं के निकल रहे 1176 करोड़ रुपये का रेगुलेटरी लाभ बिजली दरों में कमी के रूप में देने की मांग भी उठाई।
मीटिंग में ये मांग भी उठी है कि विभागीय कर्मियों के घर पर मीटर लगया चाहिए
नियामक आयोग के सदस्य विनोद कुमार श्रीवास्तव ने विभागीय कार्मियों के घर में मीटर लगाने का मुददा उठाते हुए कहा कि बडे़ पैमाने पर बिजली का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि 10,000 रुपये वेतन पाने वाला संविदा कर्मी 20 हजार की बिजली चोरी करते पकड़ा गया। उपभोक्ता परिषद ने आयोग के अध्यक्ष से इस पर गंभीरता से विचार करने का अनुरोध करते हुए कहा कि मामला आयोग सदस्य द्वारा उठाया गया है इसलिए 15 गुना तक पेनल्टी पर विचार किया जाए। जिससे बिजली की चोरी रोकी जा सकेगी और बिजली सप्लाई भी सही बो जायेगी।
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