अयोध्या में रामलला को चढ़ती है प्रयागराज की तुलसी, त्रेतायुग के संबंधों को संजो रहे हैं तुलसी के किसान

Published : Dec 10, 2019, 12:00 PM IST
अयोध्या में रामलला को चढ़ती है प्रयागराज की तुलसी, त्रेतायुग के संबंधों को संजो रहे हैं तुलसी के किसान

सार

प्रयागराज में उपजाई जाने वाली तुलसी अयोध्या में रामलला की पूजा में चढ़ाई जाती है। यही नहीं अयोध्या के आलावा काशी समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर प्रयागराज की ही तुलसी इस्तेमाल में लाई जाती है

अयोध्या/प्रयागराज (Uttar Pradesh ). राम चरितमानस में एक कथा का वर्णन मिलता है। जिसमे कहा गया है कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर और भारद्वाज मुनि आश्रम से होकर ही वनवास गए थे। अयोध्या से प्रयागराज का जुड़ाव आज का नहीं त्रेतायुग का है। लेकिन अब इस जुड़ाव को संजोने में प्रयागराज की तुलसी अहम भूमिका निभा रही है। जी हां प्रयागराज में उपजाई जाने वाली तुलसी अयोध्या में रामलला की पूजा में चढ़ाई जाती है। यही नहीं अयोध्या के आलावा काशी समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर प्रयागराज की ही तुलसी इस्तेमाल में लाई जाती है। 

गौरतलब है कि प्रयागराज अपने विशेष अमरुद की खेती के लिए काफी मशहूर है। यहां का इलाहाबादी अमरुद पूरे देश में मशहूर है। इसके आलावा यहां तुलसी की खेती भी काफी बड़े पैमाने पर होती है। यह तुलसी आयुर्वेदिक कंपनियों द्वारा तो खरीदी ही जाती है प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी चढ़ाने के लिए ले जाई जाती है। अयोध्या में रामलला को चढ़ाने के लिए प्रयागराज से तुलसी मंगाई जाती है। 

काफी बड़े क्षेत्रफल में होती है तुलसी की खेती 
प्रयागराज में इस समय तकरीबन तीन हजार एकड़ में तुलसी की खेती हो रही है। तुलसी की खेती करने वाले किसान अन्य फसलों की अपेक्षा अधिक मुनाफ़ा कमा रहे हैं। तुलसी की खेती करने वाले मेजा के किसान हरिराम यादव के मुताबिक तुलसी की खेती में कम लगत और ज्यादा मुनाफा मिलता है। हांलाकि खेतों में मेहनत काफी करनी पड़ती है। उनके अनुसार एक एकड़ की खेती में 3 से 4 हजार तक का खर्च आ जाता है। अगर खेतों में ठीक से मेहनत कर दी जाए तो तकरीबन 2 लाख की कमाई एक एकड़ में हो सकती है। 

ट्रकों में भरकर काशी,मथुरा और अयोध्या भेजी जाती है तुलसी 
प्रयागराज से तुलसी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर हल्के भार वाहनों द्वारा भेजी जाती है। प्रयागराज से अयोध्या,काशी और मथुरा के मंदिरों में पूजा-पाठ के लिए हर हफ्ते भेजी जाती है। इसके आलावा यूपी के बाहर से भी दवा व कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स बनाने वाली कम्पनियाँ तुलसी खरीदती हैं। हंडिया के रहने वाले किसान वीरेंद्र बहादुर सिंह के मुताबिक अब तो कम्पनियो के लोग सीधे किसान से ही सम्पर्क कर तुलसी खरीद लेते हैं। वीरेंद्र के अनुसार तीन महीने में तुलसी तैयार हो जाती है। 

अयोध्या के सभी मंदिरों में चढ़ती है प्रयाग की तुलसी 
अयोध्या की फूल मंडी के व्यवसायी प्रदीप कुमार कसौधन ने बताया कि अयोध्या के लगभग सभी प्रमुख मंदिरों में रोजाना तुलसी चढ़ती है। इस समय अयोध्या में डेढ़ हजार से अधिक मंदिर हैं। सभी बड़े प्रमुख मंदिरों में चढ़ने के लिए फूल व तुलसी फूल मंडी से आती है। उन्होंने बताया कि फूलमंडी में प्रयागराज से ही तुलसी आती है। कुछ समय पहले तक बाराबंकी व कुशीनगर से कुछ किसानो की तुलसी आती थी लेकिन व अब नहीं आ रही है।

फूलमंडियों में तुलसी भेजते हैं किसान 
प्रतापपुर के किसान राम सजीवन के मुताबिक वह अपनी तुलसी को प्रयागराज और काशी के फूल मंडी में भी भेजते हैं। वहां ग्राहक अधिक होते हैं और तुलसी का अच्छा भाव मिला जाता है। बिकने में भी कोई दिक्क्त नहीं होती है। 

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