मथुरा: रंगनाथ और द्वारिकाधीश मंदिर में चढ़ाए गए 56 से ज्यादा व्यंजन, इस खास तरीके से बनाया गया गोवर्धन पर्वत

Published : Nov 03, 2022, 11:53 AM IST
मथुरा: रंगनाथ और द्वारिकाधीश मंदिर में चढ़ाए गए 56 से ज्यादा व्यंजन, इस खास तरीके से बनाया गया गोवर्धन पर्वत

सार

यूपी के मथुरा में स्थित ब्रज के अलग-अलग मंदिरों में दिवाली के अगले दिन यानी कि गोवर्धन पूजा से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक अन्नकूट उत्सव का आयोजन किया जाता है। इस दौरान द्वारिकाधीश मंदिर में भगवान रंगनाथ को 56 से अधिक व्यंजन अर्पित किए गए।

मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित ब्रज में दिवाली के अगले दिन यानि की गोवर्धन पूजा से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक अन्नकूट उत्सव का धूमधाम से आयोजन किया जाता है। इस दौरान ब्रज में स्थित अलग-अलग मंदिरों में तिथि-मुहूर्त को ध्यान में रखते हुए भगवान को अन्नकूट का प्रसाद चढ़ाया जाता है। वहीं अक्षय नवमी पर्व के मौके पर वृंदावन में स्थित दक्षिण भारतीय शैली के श्री रंगनाथ मंदिर और मथुरा में पुष्टि मार्गीय संप्रदाय के प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर में भगवान को 56 से अधिक व्यंजनों का प्रसाद बना कर अर्पित किया गया है। वहीं उत्तर भारत के विशाल दक्षिण भारतीय शैली में बने श्री रंगनाथ मंदिर में अन्नकूट का आयोजन कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की नवमी यानि की अक्षय नवमी को किया गया। 

श्रद्धालुओं ने लगाए जयकारे
मंदिर के पट खुलते ही दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु भगवान रंगनाथ की जय-जयकार करने लगे। इस दौरान अन्नकूट के दर्शन कर भक्तगण खुद को धन्य महसूस कर रहे थे। अन्नकूट उत्सव के मौके पर भगवान रंगनाथ की भगवान कृष्ण की तरह श्रृंगार किया गया। जहां एक ओर भगवान रंगनाथ अपनी सबसे छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाए हुए थे तो वहीं दूसरी ओर दांए हाथ में वह मुरली लिए हुए थे। भगवान रंगनाथ के साथ माता गोदा विराजमान थीं और इंद्रदेव शरणागत नजर आए। इसके अलावा कामधेनू गाय और एरावत हाथी भी भगवान रंगनाथ के पास में खड़े दिखाई दिए। मंदिर में पिछले सात दिनों से अन्नकूट की तैयारियां की जा रही थीं। अन्नकूट उत्सव में चावल से बना गोवर्धन पर्वत सबसे ज्यादा दर्शनीय है।

ढाई कुंतल चावल से बनाया गया गोवर्धन पर्वत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रंगनाथ मंदिर में ढाई कुंतल चालव का उपयोग कर गोवर्धन पर्वत बनाया गया है। चावल से बने गोवर्धन पर्वत के दर्शन पाकर श्रद्धालु खुद को अभिभूत महसूस कर रहे थे। बता दें कि करीब ढाई घंटे तक रंगनाथ मंदिर में अन्नकूट उत्सव के दर्शन किए गए। इसके बाद मंदिर के पुजारियों ने भगवान को चढ़ाए गए व्यंजनों को प्रसाद के तौर पर श्रद्धालुओं में बांटा गया। वहीं अक्षय नवमी के मौके पर पुष्टि मार्गीय संप्रदाय के फेमस द्वारिकाधीश मंदिर में भी अन्नकूट उत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर में सबसे पहले गोवर्धन पूजा संपन्न की गई और उसके बाद भगवान को अन्नकूट प्रसाद अर्पित किया गया। इस दौरान मथुरा वृंदावन से विधायक और पूर्व ऊर्जा मंत्री श्री कांत शर्मा भी दर्शन के लिए भगवान द्वारिकाधीश के मंदिर पहुंचे थे।

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