रामायण को जीवंत दिखाने की तैयारी एक हजार एकड़ में बनेगा 'रामायण परिसर', ट्रस्ट ने शुरू की तैयारी

Published : Jul 07, 2022, 07:57 PM IST
रामायण को जीवंत दिखाने की तैयारी एक हजार एकड़ में बनेगा 'रामायण परिसर', ट्रस्ट ने शुरू की तैयारी

सार

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कई प्रकल्पों पर योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा है। इस बीच रामजन्मभूमि परिसर के 70 एकट में ऐसे कई निर्माण करवाए जा रहे हैं जो कि दर्शनीय होंगे। इस बीच रामायण ट्रस्ट बनाने की भी योजना है।

अनुराग शुक्ला

अयोध्या: राममंदिर निर्माण के साथ-साथ श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अन्य कई प्रकल्पों पर योजनाबद्ध तरीके कार्य  करने में जुटा है। रामजन्मभूमि परिसर के 70 एकड़ में कई ऐसे निर्माण कराने की योजना है जो दर्शनीय होंगे। जिससे श्रद्धालु श्रीरामलला का दर्शन करने के बाद उन स्थानों पर जा कर राममय हो सकें। इसी के साथ ट्रस्ट मंदिर परिसर से अलग किसी स्थान पर रामायण को जीवंत दिखाने की योजना तैयार करने में जुटा है। जिससे नई पीढ़ी के श्रद्धालुओं को कम समय मे श्रीराम के जीवन में हुए उतार- चढ़ाव और संघर्षों को दिखा कर समझाया जा सके।

1 हजार एकड़ में बनेगा रामायण परिसर ट्रस्ट ढूंढ रहा है जमीन
1 हजार एकड़ में रामायण परिसर को बनाने की योजना है। इसके लिए ट्रस्ट ने राममंदिर के इर्द- गिर्द जमीन की तलाश तेज कर दी है। सूत्रों की माने तो इस पर कई लोगों से बात भी की गई है। रामलला को उनके भब्य स्थाई गर्भगृह में विराजमान होते ही इस प्रोजेक्ट पर भी काम शुरू हो जाएगा। ट्रस्ट की योजना है बनने वाले परिसर में श्रद्धालु प्रवेश करते ही श्री राम के जन्म से लेकर वनवास, लंका विजय, राजतिलक सहित रामराज्य के सभी प्रसंगों से परिचित हो जाएं। इन प्रसंगों को जीवंत देख कर युवा अपने सनातन धर्म को जाने और श्रीराम के आदर्शों को लेकर आगे बढ़े। 

रामलला के दर्शन के बाद श्रद्धालु करेंगे पूरे परिसर के चौहद्दी की परिक्रमा
रामलला का दर्शन करने के बाद पूरे रामजन्मभूमि परिसर की परिक्रमा श्रद्धालु करें इसकी योजना श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बना रहा है  राम जन्मभूमि परिसर का परिसर रामकोट क्षेत्र में है। क्षेत्र के पार्षद रमेश दास के मुताबिक अगर ट्रस्ट इस विषय पर कार्य करता है तो सराहनीय होगा। उनका कहना है संत -धर्माचार्य और श्रद्धालु सैकड़ों वर्षो से एकादशी व विभिन्न पर्वो पर रामकोट क्षेत्र की परिक्रमा करते हैं ।साथ ही हिंदी नववर्ष की पूर्व संध्या पर पिछले कई वर्षों से परिक्रमा का आयोजन होता रहा है। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु और संत -महंत शामिल होते है।

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