राम मंदिर आंदोलन में शामिल लोगों को भी ट्रस्ट में मिले जगह: स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती

Published : Dec 01, 2019, 04:03 PM IST
राम मंदिर आंदोलन में शामिल लोगों को भी ट्रस्ट में मिले जगह: स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती

सार

शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने रविवार को कहा, अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए गठित होने वाले ट्रस्ट में उन संत-महात्माओं और लोगों को भी शामिल करना चाहिए जो श्रीराम मंदिर आंदोलन में शामिल थे।

प्रयागराज (Uttar Pradesh). शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने रविवार को कहा, अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए गठित होने वाले ट्रस्ट में उन संत-महात्माओं और लोगों को भी शामिल करना चाहिए जो श्रीराम मंदिर आंदोलन में शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से न सिर्फ राम जन्मभूमि का विवाद समाप्त हुआ, बल्कि भगवान राम के पूर्ववर्ती, समकालीन और परवर्ती प्रसंगों में बताए गए स्थानों, घटनाओं और पात्रों के अस्तित्व की भी पुष्टि हुई। बता दें, बातचीत में शंकराचार्य ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद संस्थाओं द्वारा नियोजित श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन की सफलता के लिए स्वर्गीय अशोक सिंघल के महत्वपूर्ण योगदान का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा, करोड़ों अरबों रुपये खर्च करने के बाद भी गंगा और इसकी सहायक नदियां मैली हैं। जहां शासन को टैनरी आदि का दूषित पानी इन नदियों में जाने से रोकना चाहिए। वहीं, आम लोगों को गंगा स्वच्छ रखने की अपनी जिम्मेदानी निभानी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया था ये फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने 40 दिन लगातार सुनवाई के बाद 9 नवंबर को ऐतिहासिक फैसले में अयोध्या की विवादित जमीन पर ट्रस्ट का गठन कर मंदिर बनाने का आदेश दिया था। साथ ही मुस्लिम पक्ष को मस्जिद के लिए अयोध्या में ही 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया था।

PREV

उत्तर प्रदेश में हो रही राजनीतिक हलचल, प्रशासनिक फैसले, धार्मिक स्थल अपडेट्स, अपराध और रोजगार समाचार सबसे पहले पाएं। वाराणसी, लखनऊ, नोएडा से लेकर गांव-कस्बों की हर रिपोर्ट के लिए UP News in Hindi सेक्शन देखें — भरोसेमंद और तेज़ अपडेट्स सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories

कौन है मौलाना अब्दुल्ला सलीम, लखनऊ से पटना तक मचा बवाल, लोग बोले-इसे जेल में डालो
Women's Day 2026: योगी सरकार की नीतियों से यूपी में महिला स्टार्टअप्स को नई उड़ान, 9600 से ज्यादा महिला उद्यमी बना रहीं नई पहचान