
हटके डेस्क। आजकल हर चीज ऑनलाइन बिक रही है। एक मामूली अंडरवियर से लेकर जरूरत की सारी बड़ी-छोटी चीजें घर बैठे ऑनलाइन आप मंगा सकते हैं। यहां तक कि डीएनए टेस्टिंग किट और दूसरे उपकरण भी ऑनलाइन मिल जाते हैं। लेकिन बच्चे भी ऑनलाइन बिकने लगें, इस पर जल्दी कोई यकीन नहीं कर सकता। लेकिन यह सच है। मलेशिया में धड़ल्ले से यह अवैध कारोबार चल रहा है। वहां बच्चे कम से कम 1000 RM (करीब 172000 रुपए) में बेचे जा रहे हैं।
सोशल मीडिया के जरिए हो रहा कारोबार
बच्चों की ऑनलाइन खरीद-बिक्री सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स के जरिए हो रही है और इसके लिए 'अडॉप्टेड चाइल्ड' की-वर्ड का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी की-वर्ड से सोशल मीडिया पर बच्चों को खरीदने के लिए सर्च किया जाता है। कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए यह अवैध कारोबार जारी है। इसके लिए सोशल मीडिया पर कई ग्रुप बने हुए हैं, जहां से यह धंधा ऑपरेट होता है। यह ह्यूमन ट्रैफिकिंग का नया रूप है। आम तौर पर बच्चों की कीमत 2 से 4 लाख के बीच होती है।
गोद लेने के नाम पर चल रहा है धंधा
बच्चों को ऑनलाइन बेचने-खरीदने का यह धंधा गोद लेने के नाम पर चल रहा है। एक महिला ने बताया कि वह एक बच्चे को गोद लेना चाहती थी। इसके लिए उसने जब सोशल मीडिया पर खोजबीन शुरू की तो एक महिला ने अपना बच्चा देने का ऑफर रखा और इसके लिए करीब पौने दो लाख रुपए बैंक में जमा कराने को कहा। बता दें कि लड़कियों और लड़कों की कीमत अलग-अलग होती है। लड़के के लिए ज्यादा पैसों की मांग की जाती है।
क्या है अडॉप्शन प्रॉसेस
मलेशिया में अडॉप्शन प्रॉसेस काफी आसान है। इसके लिए पर्सनल इन्फॉर्मेशन डिटेल्स देना पड़ता है और यह बताना होता है कि आप क्यों बच्चे को अडॉप्ट करना चाहते हैं। अगर कोई बच्चा अडॉप्ट करना चाहता है तो उसे करीब 35 हजार रुपए से लेकर 2 लाख रुपए तक जमा करने पड़ते हैं, जिनसे उस प्राइवेट हॉस्पिटल का खर्चा चुकाया जाता है, जहां बच्चे का जन्म होता है। इसी में से कुछ अमाउंट बच्चे की मां को भी दिया जाता है। लेकिन अब इस प्रॉसेस के तहत फर्जीवाड़ा कर बच्चों को मोल-भाव कर बेचा जा रहा है।
एक महिला ने बताया अपना एक्सपीरियंस
ऑनलाइन बच्चे की खरीद-बिक्री कैसे हो रही है, इसके बारे में एक महिला ने बताया कि वह एक बच्चा अडॉप्ट करना चाहती थी और सारी बातें फाइनल हो चुकी थीं। लेकिन ऐन वक्त पर बच्चे की मां ने बच्चा देने से इनकार कर दिया, क्योंकि कोई उसे ज्यादा पैसे दे रहा था। उस महिला ने कहा कि इससे वह बहुत परेशानी और चिंता में पड़ गई, क्योंकि उसने बच्चे के लिए जरूरत की ढेर सारी चीजें खरीद ली थी।
बिचौलिए भी शामिल हैं इस धंधे में
इस धंधे में बिचौलिए भी शामिल हैं। ये मैसेज रिसीव करते हैं और उसे उन औरतों तक पहुंचाते हैं, जो बच्चा बेचना चाहती हैं। इसके बाद वे बच्चों के लिए मेल ऑर्डर भी लेते हैं और उनकी डिलिवरी भी करते हैं। इसमें उन्हें अच्छा कमाीशन मिल जाता है। जब बच्चों को ऑनलाइन खरीदने वाली महिलाओं से पूछा गया कि वे सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट से कानूनी तौर पर बच्चा अडॉप्ट क्यों नहीं करतीं, तो उनका कहना था कि इस प्रॉसेस में काफी समय लगता है और वहां वे मनचाहे जेंडर का बच्चा हासिल नहीं कर सकतीं।
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