पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का खतरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। दुनिया के सैकड़ों देशों के लाखों लोग इस जानलेवा वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, वहीं हजारों-हजार लोग मौत के मुंह में समा चुके हैं। इसी बीच, शंघाई के एक शख्स ने इससे बचाव के लिए एक खास सूट बनाया है।
हटके डेस्क। पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का खतरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। दुनिया के सैकड़ों देशों के लाखों लोग इस जानलेवा वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, वहीं हजारों-हजार लोग मौत के मुंह में समा चुके हैं। इसी बीच, शंघाई के एक शख्स ने इससे बचाव के लिए एक खास सूट बनाया है। काओ जुनेजी नाम के इस शख्स ने पॉपुलर वीडियो गेम 'डेथ स्ट्रैंडिंग' से प्रेरित होकर यह सूट बनाया है। यह सूट उसने अपने बच्चे और परिवार को कोरोना वायरस से बचाने के लिए बनाया है। कहा जा रहा है कि यह सूट ऐसा है, जिसे पहनने के बाद कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं हो सकता है।
सेफ्टी केबिन जैसा है यह सूट
यह सूट एक सेफ्टी केबिन जैसा है। इसमें एक छोटा पॉड है और एक पारदर्शी स्क्रीन लगी है। इसके साथ ही इसमें एक फिल्टर भी लगा है। इसके साथ एक और भी स्क्रीन अटैच की गई है, जो एयर क्वालिटी डिस्प्ले करती है। इसी के अंदर काओ जुनेजी ने अपने बच्चे को रखा है।
वीडियो हुआ वायरल
इस सूट का वीडियो वायरल हो रहा है। इस केबिननुमा सूट में काओ का छोटा बच्चा जरा भी नर्वस नहीं लग रहा है। देखने से लगता है कि वह इस सूट में काफी आराम महसूस कर रहा है और चैन की नींद ले रहा है। इस सूट के बारे में कहा जा रहा है कि यह हर तरह से सेफ है, क्योंकि इसमें बाहर से किसी भी हाल में वायरस नहीं आ सकता।
सूट पहना कर काओ ने बच्चे को बाहर घुमाया
यह सूट पहनाने के बाद काओ ने खुद मास्क पहना और बच्चे को बाहर घुमाने ले गया। काओ ने कहा कि वह साइंटिफिक मूवी देखना और ऐसे गेम खेलना काफी पसंद करता है। काओ का कहना है कि उसे कोरोना वायरस से बचाव के लिए यह सूट बनाने का आइडिया वीडियो गेम 'डेथ स्ट्रैंडिंग' से मिला। उसने सूट में सेफ्टी केबिन का जो स्ट्रक्चर बनाया है, वैसा ही उस गेम में भी दिखलाया गया है।
इमरजेंसी से निपटने के लिए बनाया सूट
काओ ने बतलाया कि उसने यह सूट इसलिए बनाया, ताकि किसी भी इमरजेंसी की हालत में अपने बच्चे को सेफ रख सके और कोरोना वायरस के खतरे के बावजूद उसे बाहर घुमाने के लिए ले जा सके। उसने दावा किया है कि इस सूट को पहन कर वह अपनी फैमिली के साथ बाहर जा सकता है और वायरस के संक्रमण का कोई खतरा उसे नहीं होगा। हालांकि, अभी इसे शत-प्रतिशत सुरक्षित नहीं माना गया है। इसके लिए इसका टेस्ट किया जाएगा और एक्सपेरिमेंट किए जाएंगे। बहरहाल, सबों का कहना है कि काओ ने कोरोना से जंग जीतने के लिए बेहतरीन काम किया है।