
कोलकाता. प बंगाल के कूचबिहार में हुई हिंसा को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के बयान पर विवाद छिड़ गया है। दिलीप घोष ने रविवार को कहा, अगर Naughty boys (शरारती लड़के) सीतलकुची जैसे ही कानून को अपने हाथ में लेंगे, तो कूच बिहार फायरिंग जैसे और भी मामले सामने आएंगे। वहीं, भाजपा नेता के इस बयान के बाद टीएमसी ने उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है। जबकि सीपीआई (एम) का कहना है कि यह बयान भाजपा के चेहरे को उजागर करता है।
दरअसल, बंगाल में शनिवार को चौथे चरण के लिए 44 सीटों पर मतदान हुआ था। इस दौरान कूचबिहार के सीतलकुची में सुरक्षाबलों की फायरिंग में चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, यहां अफवाह फैलने के बाद 300 ग्रामीणों ने सीआईएसएफ जवानों पर हमला कर दिया था। इतना ही नहीं जवानों के हथियार भी छीनने की कोशिश की गई। भीड़ पोलिंग बूथ में भी घुसने की कोशिश कर रही थी। ऐसे में सुरक्षाबलों को फायरिंग करनी पड़ी।
क्या कहा दिलीप घोष ने ?
घोष ने कहा, सीतलकुची में शरारती लड़कों को गोली लगी। अगर कोई कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करेगा। यह उनके साथ भी होगा। दिलीप घोष उत्तर 24 परगना जिले के बारानगर में प्रचार करने पहुंचे थे। यहां उन्होंने कहा कि शरारती लड़कों को लग रहा था कि जवानों की राइफल चुनाव ड्यूटी के दौरान सिर्फ दिखाने के लिए है। लेकिन कूचबिहार में जो हुआ, उसे देखकर किसी की ऐसा करने की हिम्मत नहीं होगी।
विपक्षी दलों ने किया विरोध
वहीं, उनके इस बयान के बाद टीएमसी ने उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की। टीएमसी नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा, हम इस भड़काऊ बयान के लिए उनकी गिरफ्तारी की मांग करते हैं, इससे सुरक्षाबलों को बढ़ावा मिलेगा और मतदाताओं की सुरक्षा को खतरा होगा।
वहीं, जाधवपुर से सीपीआई(एम) के उम्मीदवार सुजान चक्रबर्ती ने कहा, दिलीप घोष गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं। उनका बयान भाजपा के फासीवादी चेहरे को दिखाता है।
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