ऑस्ट्रेलिया में चुनाव हो रहे हैं। यहां के 181 लाख लोग संघीय चुनाव में वोट डालने के पात्र हैं। उनके वोट से तय होगा कि प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज को दूसरा कार्यकाल मिलेगा या विपक्षी नेता पीटर डटन पीएम बनेंगे।
ऑस्ट्रेलिया से चुनाव की अनोखी तस्वीरें आईं हैं। इस विकसित देश में लोग स्विमिंग सूट पहनकर वोट डालते दिखे हैं। महंगाई, घर की बढ़ती कीमत और जलवायु परिवर्तन चुनाव के प्रमुख मुद्दे थे। अमेरिकी नीतियों से प्रभावित व्यापार तनाव जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों ने भी चुनाव पर असर डाला।
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ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधि सभा में 150 सीटें हैं। बहुमत के लिए 76 सीटें जरूरी हैं। चुनाव से पहले लेबर पार्टी के पास 78 सीटें थीं। लिबरल गठबंधन के पास 57 और बाकी 15 सीटें ग्रीन्स और टील्स सहित निर्दलीय और छोटी पार्टियों के पास थीं।
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हाल ही में हुए सर्वे के अनुसार लेबर पार्टी को थोड़ी बढ़त मिल सकती है। उसे 52.5% वोट मिल सकते हैं। वहीं, लिबरल को 47.5% वोट मिल सकते हैं। लेबर और लिबरल दोनों प्रमुख पार्टियों को अपने प्राथमिक वोट शेयर में गिरावट का सामना करना पड़ा है।
चुनाव का नतीजा देश भर में कई सीमांत सीटों पर निर्भर करता है। जैसे बैंक्स और बेनेलॉन्ग। विक्टोरिया की डंकले और मेंजीज, क्वींसलैंड की बोनर और ब्रिसबेन, और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की बुलविंकेल और पर्थ भी महत्वपूर्ण हैं।
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ग्रीन्स का लक्ष्य प्रतिनिधि सभा में अपनी ताकत बढ़ाना है। मेलबर्न में मैकनामारा और विल्स तथा उत्तरी न्यू साउथ वेल्स में रिचमंड जैसी सीटों पर कब्जा करना है। टील निर्दलीय सिडनी में अपना गढ़ बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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