अमेरिका में क्यों हो रही एक के बाद भारतीयों की मौत, एक और छात्र ने तोड़ा दम

Published : Apr 06, 2024, 08:27 AM IST
student death 1

सार

अमेरिका में शुक्रवार को एक भारतीय छात्र की मौत का मामला सामने आया है। छात्र की मौत का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हुआ है। अमेरिका सरकार छात्र के शव को भारत भेजने की तैयारी कर रही है। पुलिस टीम मामले की जांच कर रही है। 

वर्ल्ड डेस्क। अमेरिका में भारतीय छात्रों की मौत के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इससे अमेरिकी सरकार भी चिंता में पड़ गई है। शुक्रवार को भी न्यूयॉर्क स्थित भारत के कॉमर्स एंबेसी में अमेरिकी राज्य ओहियो में एक भारतीय छात्र की मौत हो गई है। छात्र की मौत के कारणों की पुलिस जांच कर रही है। यह घटनाएं अमेरिका जैसे देश में भारतीय समुदाय को झकझोर देने वाली हैं।

न्यूयॉर्क में भारत के कॉन्सुलेट जनरल ने एक्स पर पोस्ट में लिखा है कि ओहियो के क्लीवलैंड में एक भारतीय छात्र उमा सत्य साई गड्डे की मौत हो गई है। ये घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने ये भी कह है मौत के कारणों की पुलिस टीम जांच कर रही है। इसके अलावा मृत छात्र के भारत स्थित परिवार के साथ भी संपर्क बना हुआ है।

अब तक आधा दर्जन छोत्रों की मौत 
अमेरिका में लगातार भारतीय मूल के छात्रों की मौत का मामला चिंता में डालने वाला है। वर्ष 2024 की शुरुआत से अब तक अमेरिका में भारतीय और भारतीय मूल के कम से कम आधा दर्जन छात्रों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं। इसे अमेरिका का प्रशासन भी गंभीर चिंता मेें है।

छात्र का शव भारत पहुंचाने की तैयारी 
अमेरिका में भारतीय छात्र की मौत के बाद उसके शव को भारत में उसके परिजनों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। वाणिज्य दूतावास ने कहा कि छात्र उमा गड्डे के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत पहुंचाने को लेकर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

PREV

अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ग्लोबल इकोनॉमी, सुरक्षा मुद्दों, टेक प्रगति और विश्व घटनाओं की गहराई से कवरेज पढ़ें। वैश्विक संबंधों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठकों की ताज़ा रिपोर्ट्स के लिए World News in Hindi सेक्शन देखें — दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सही तरीके से, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories

Nepal Floods: रुपया-पैसा नहीं नेपाल ने मांगा अनोखा मुआवजा! इन 3 देशों के सामने रखी बड़ी डिमांड
Nepal Flood: अपनों की राख तक नहीं मिली! 4800 परिवारों पर अब टूट सकता है नया संकट