500 साल बाद भी Mona Lisa का क्रेज, कार्बन काॅपी भी 2.5 करोड़ रुपये से अधिक में होगी नीलाम

Published : Jun 08, 2021, 04:51 PM ISTUpdated : Jun 08, 2021, 11:21 PM IST
500 साल बाद भी Mona Lisa का क्रेज, कार्बन काॅपी भी 2.5 करोड़ रुपये से अधिक में होगी नीलाम

सार

इटली के रहने वाले विलक्षण प्रतिभा के धनी लियोनार्डाे दा विंसी ने 16वीं शताब्दी में एक आॅयल पेंटिंग बनाई थी। विंसी एक हरफनमौला व्यक्ति थे। वह पेंटर, अविष्कारक, आर्टिस्ट, लेखक थे। विंसी ने अपनी बनाई रहस्यमयी मुस्कान वाली बेहद खूबसूरत महिला की इस ऐतिहासिक पेंटिंग का नाम ‘मोनालिसा’ दिया था।

पेरिस। 16वीं शताब्दी से 21वीं शताब्दी में दुनिया में तमाम बदलाव हुए लेकिन ‘मोनालिसा’ का क्रेज कम न हुआ। पेरिस के लौवर में हर साल लाखों लोग इस पेंटिंग को देखने के लिए आते हैं और घंटों अपनी बारी के आने का इंतजार करते हैं। सैकड़ों साल पहले बनी इस अद्भुत पेंटिंग की कलाप्रेमियों में क्रेज का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मोनालिसा पेंटिंग की हूबहू एक दूसरी पेंटिंग को करोड़ों देकर खरीदने वालों की लाइन लगी है। पेरिस में इस दूसरी पेंटिंग की नीलामी होने वाली है और इससे 365000 डाॅलर यानी करीब पौने तीन करोड़ रुपये एकत्र किए जाने का अनुमान है। 

इटालियन कलाकार लियोनार्डाे दा विंसी की सोच है मोनालिसा

इटली के रहने वाले विलक्षण प्रतिभा के धनी लियोनार्डाे दा विंसी ने 16वीं शताब्दी में एक आॅयल पेंटिंग बनाई थी। विंसी एक हरफनमौला व्यक्ति थे। वह पेंटर, अविष्कारक, आर्टिस्ट, लेखक थे। विंसी ने अपनी बनाई रहस्यमयी मुस्कान वाली बेहद खूबसूरत महिला की इस ऐतिहासिक पेंटिंग का नाम ‘मोनालिसा’ दिया था। पांच शताब्दियों से यह पेंटिंग कलाप्रेमियों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बताया जाता है कि विंसी ने पेंटिंग सन् 1506 में कंप्लीट किया था। 

लौवर से चोरी हो गई थी मोनालिसा

मोनालिसा पेंटिंग को 1911 में इतालवी विन्सेन्जो पेरुगिया ने लौवर से चुरा लिया था। हालांकि, तीन साल बाद उसने पेंटिंग को लौटा दिया था। 

लौवर म्यूजियम में रखी गई पेंटिंग के असली होने पर संदेह जताया

चोरी गई मोनालिसा के लौवर में दुबारा लौटा दिए जाने के बाद एक कलाप्रेमी व आर्ट डीलर रेमंड हेकिंग ने यह दावा किया कि लौवर म्यूजियम में रखी गई मोनालिसा की पेटिंग असली नहीं है। रेमंड हेकिंग ने कला के इतिहासकारों और जर्नलिस्ट्स को अपने घर बुलाकर अपनी पेंटिंग के असली होने और लौवर में रखी पेंटिंग को नकली होने का दावा किया। 

हेकिंग की पेंटिंग को हूबहू मोनालिसा पेंटिंग माना गया

रेमंड हेकिंग के दावे को लेकर अभी कोई एकमत नहीं हुआ। इसलिए उस पेंटिंग को मोनालिसा हेकिंग नाम दिया गया। 

परिवार बेच रहा है यह कृति

‘मोनालिसा हेकिंग’ को रेमंड हेकिंग की मौत के बाद 1977 में उनके परिवार को सौंप दिया गया। अब यह पेंटिंग उनका परिवार नीलाम कर रहा है। पेरिस में मोनालिसा की इस रेप्लिका को नीलाम किया जाएगा। इसके लिए 365000 डाॅलर मिलने की उम्मीद है। 
 

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