नेपाल में लापता विमान कोगांव में मिला, चार भारतीयों समेत 22 लोग थे सवार, देखिए पूरी लिस्ट

Published : May 29, 2022, 04:32 PM ISTUpdated : May 29, 2022, 05:32 PM IST
नेपाल में लापता विमान कोगांव में मिला, चार भारतीयों समेत 22 लोग थे सवार, देखिए पूरी लिस्ट

सार

नेपाल के टूरिस्ट सिटी पोखरा से उड़ान भरने वाला तारा एयर का एक विमान रविवार को लापता हो गया। विमान में 22 लोग सवार थे। तारा एयर नेपाल की निजी एयरलाइन्स है जो विमानों का संचालन करती है।

काठमांडु। नेपाल में रविवार की सुबह लापता तारा एयर (Tara Air) के विमान का पता चल गया है। विमान घंटों बाद मस्टैंग जिले के कोवांग गांव में मिला है। सुबह दस बजे विमान रडार से गायब हो गया था। निजी एयरलाइन्स द्वारा संचालित यह विमान टूरिस्ट सिटी पोखरा से उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद लापता हो गया था। इस विमान में चार भारतीयों समेत 22 पैसेंजर्स सवार थे। विमान के पायलट का मोबाइल ट्रैक होते ही रेस्क्यू में निकले सेना के हेलीकाप्टर को उतारा गया है। सेना के जवान पैदल ही दुर्घटना वाली जगह पर पहुंचने की कोशिश में लगे हैं। तारा एयर ने विमान में सवार सभी 22 पैसेंजर्स और क्रू मेंबर्स की लिस्ट जारी कर दी है।  
सेना के प्रवक्ता नारायण सिलवाल ने बताया कि स्थानीय लोगों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार तारा एयर का विमान मनापति हिमाल के भूस्खलन के तहत लामचे नदी के मुहाने पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। नेपाल सेना जमीन और हवाई मार्ग से साइट की ओर बढ़ रही है।

दुर्घटना की जताई जा रही है आशंका

नेपाल के पोखरा से उड़ान भरने वाले तारा एयर के छोटे विमान के क्रैश होने की सूचना आ रही है। माई रिपब्लिका अखबार के अनुसार, नेपाल सेना का एक हेलीकॉप्टर, नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के 10 सैनिकों और दो कर्मचारियों को लेकर, नरशंग मठ के पास एक नदी के तट पर उतरा, जो दुर्घटना की जगह थी। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के महाप्रबंधक प्रेम नाथ ठाकुर ने बताया कि नेपाल सेना का एक हेलीकॉप्टर नरशंग गुंबा के पास नदी के किनारे उतरा है। गांववालों की सूचना पर रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंचने की कोशिश में है। 

जीपीएस से ट्रैक हुआ पायलट का सेलफोन, सेना को तलाश में पैदल गई

नेपाल टेलीकॉम द्वारा ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) नेटवर्क के माध्यम से हवाई जहाज के पायलट कैप्टन प्रभाकर घिमिरे के सेलफोन को ट्रैक करने के बाद हवाई जहाज का पता लगाया गया है। ठाकुर ने कहा कि लापता विमान के कैप्टन घिमिरे का सेल फोन बज रहा है और नेपाल टेलीकॉम से कप्तान के फोन को ट्रैक करने के बाद नेपाल सेना का हेलीकॉप्टर संभावित दुर्घटना क्षेत्र में उतर गया है। उन्होंने कहा कि नेपाल सेना और नेपाल पुलिस के जवानों को भी तलाशी के लिए पैदल भेजा गया है। उनके वहां पहुंचने के बाद ही सारी स्थितियां क्लियर होंगी।

कौन-कौन था सवार प्लेन में?

तारा एयर ने प्लेन में सवार पैसेंजर्स की लिस्ट जारी की है। इसमें चार भारतीय भी हैं। प्लेन में भारत के अशोक कुमार त्रिपाठी, धनुष त्रिपाठी, रितिका त्रिपाठी और वैभवी त्रिपाठी थें। जबकि अन्य देशों के पैसेंजर्स में इंद्र बहादुर गोले, पुरुषोत्तम गोले, राजन कुमार गोले, मिक ग्राट, बसंत लामा, गणेश नारायण श्रेष्ठ, रवीना श्रेष्ठ, रस्मी श्रेष्ठ, रोज़िना श्रेष्ठ, प्रकाश सुनुवर, मकर बहादुर तमांग, राममाया तमांग, सुकुमाया तमांग, तुलसीदेवी तमांग और युवी विल्नर थे। क्रू मेंबर्स में कप्तान प्रभाकर घिमिरे, सह-पायलट उत्सव पोखरेल और एयर होस्टेस किस्मत थापा। 

15 मिनट में ही टूटा संपर्क

तारा एयर के विमान ने पोखरा से सुबह 9.55 बजे उड़ान भरी और 15 मिनट बाद नियंत्रण टावर से संपर्क टूट गया। विमान बाद में कोवांग गांव में मिला है। एयरलाइंस के एक प्रवक्ता ने कहा कि चार भारतीय नागरिकों (जो मुंबई से हैं) के अलावा, दो जर्मन और 13 नेपाली यात्री ट्विन ओटर 9एन-एईटी विमान में सवार थे। विमान को सुबह 10:15 बजे पश्चिमी पर्वतीय क्षेत्र के जोम्सम हवाई अड्डे पर उतरना था।
एयलाइन्स ने बताया कि पोखरा-जोम्सम हवाई मार्ग पर घोरेपानी के ऊपर आसमान से विमान का टावर से संपर्क टूट गया। जोमसोम हवाई अड्डे पर एक हवाई यातायात नियंत्रक के अनुसार, उनके पास जोमसोम के घासा में एक तेज आवाज के बारे में एक अपुष्ट रिपोर्ट है।

तारा एयर है सबसे बड़ा घरेलू नेटवर्क

तारा एयर का नेपाल में सबसे बड़ा घरेलू उड़ानों का नेटवर्क है। नेपाल में कोई अन्य एयरलाइन दूरस्थ एसटीओएल (शॉर्ट टेकऑफ़ और लैंडिंग) क्षेत्रों के लिए व्यापक रूप से और बार-बार उड़ान नहीं भरती है। तारा एयर की वेबसाइट के अनुसार एयरलाइन्स द्वारा खाद्यान्न, दवाओं, राहत सामग्री सहित दूरदराज के इलाकों में आवश्यक आपूर्ति की जाती है। एयरलाइन सात एसटीओएल विमानों का एक बेड़ा संचालित करती है, जिसमें पांच ट्विन ओटर (डीएचसी 6/300) और दो डोर्नियर (डीओ 228) विमान शामिल हैं।

एयर दुर्घटनाओं का भी रिकार्ड

नेपाल, दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत पर है। बदलते मौसम व कठिन पहाड़ी स्थानों पर हवाई पट्टी होने के साथ इसके व्यापक घरेलू हवाई नेटवर्क पर दुर्घटनाओं का रिकॉर्ड है। 2016 में, तारा एयर द्वारा संचालित एक ट्विन ओटर टर्बोप्रॉप विमान पश्चिमी जिले म्यागडी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें 23 लोगों की मौत हो गई। विमान में चालक दल के तीन लोगों के अलावा एक चीनी और एक कुवैती नागरिक सहित 20 यात्री सवार थे।

यह भी पढ़ें:

इन दो विमानों को ऑपरेट करती है नेपाल की तारा एयरलाइंस, पहाड़ी इलाके में उड़ने की है खास क्षमता

PREV

अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ग्लोबल इकोनॉमी, सुरक्षा मुद्दों, टेक प्रगति और विश्व घटनाओं की गहराई से कवरेज पढ़ें। वैश्विक संबंधों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठकों की ताज़ा रिपोर्ट्स के लिए World News in Hindi सेक्शन देखें — दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सही तरीके से, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories

Iran Protest: ट्रंप ने डाला आग में घी, ईरानियों को भड़काने बोल गए 1 बड़ी बात
Iran Protest: मौतों का आंकड़ा 2000 के पार, एक साथ 4 मोर्चों पर जंग लड़ रहा ईरान