Published : Aug 24, 2023, 10:25 PM ISTUpdated : Aug 24, 2023, 10:31 PM IST
BRICS Summit 2023: दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत हुई है। गलवान घाटी में 2020 में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव करने के लिए दोनों राष्ट्रप्रमुख सहमत हुए हैं।
दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव जल्द से जल्द कम करने के लिए मिलकर काम करेंगे। दोनों देशों के बीच पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में हिंसक झड़प के बाद तनाव काफी बढ़ गया था। शिखर सम्मेलन के मौके पर मिले दोनों नेता एलएसी पर सैनिकों की शीघ्र वापसी के लिए अपने देशों के संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने पर सहमत हुए।
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विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत हुई। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-चीन सीमा एलएसी और अन्य क्षेत्रों पर अनसुलझे मुद्दों पर भारत की चिंताओं पर प्रकाश डाला। क्वात्रा ने कहा कि पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखना और एलएसी का सम्मान करना भारत-चीन संबंधों को सामान्य बनाने के लिए आवश्यक है। इस संबंध में दोनों नेता अपने संबंधित अधिकारियों को सैनिकों की शीघ्र वापसी और तनाव कम करने के प्रयासों को तेज करने का निर्देश देने पर सहमत हुए।
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विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि प्रधान मंत्री ने अन्य ब्रिक्स नेताओं के साथ बातचीत की। उन्होंने खुले और दूरदर्शी तरीके से विचारों का आदान-प्रदान किया।
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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता दक्षिण अफ़्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने की। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा भी इसमें शामिल हुए जबकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इसमें शामिल हुए।
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तीन दिवसीय ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) शिखर सम्मेलन के अंत में एक घोषणा पत्र जारी किया गया। ब्रिक्स नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र ढांचे के भीतर अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन को शीघ्र अंतिम रूप देने और अपनाने का आह्वान किया।
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ब्रिक्स घोषणा पत्र में कहा गया, हम आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिसमें आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही, आतंकवाद के फंडिंग नेटवर्क और सुरक्षित पनाहगाह शामिल हैं। कहा गया कि हम दोहराते हैं कि आतंकवाद को किसी भी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
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ब्रिक्स समिट में इस बार छह नए देशों को न्योता भेजा गया था। इनमें अर्जेंटीना, सऊदी अरब, यूएई, मिस्र, इथियोपिया और ईरान शामिल थे। इन सभी छह देशों को 1 जनवरी 2024 से BRICS का स्थायी सदस्य बनाया गया है। साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने बताया कि पहले फेज की बैठक में इन देशों को संगठन का मेंबर बनने का आमंत्रण दिया गया है।
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ब्रिक्स समिट में घोषणा पत्र जारी कर भारत और दक्षिण अफ्रीका को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाने की मांग की गई है।
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