साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने बताया कि ब्रिक्स समिट में घोषणा पत्र जारी कर भारत और दक्षिण अफ्रीका को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाने की मांग की गई है।

BRICS Summit 2023: दक्षिण अफ्रीका में 15वीं ब्रिक्स समिट के आखिरी दिन पीएम नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की चलते-चलते मुलाकात हुई। चंद सेकेंड की इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने औपचारिक हाय-हेलो किया। चलते-चलते बात करते हुए अपनी-अपनी सीट्स पर बैठ गए। यहां ब्रिक्स देशों के नेता प्रेस कांफ्रेंस में पहुंचे थे। नवम्बर 2022 में बाली में प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की इंडोनेशियन राष्ट्रपति के डिनर के दौरान बातचीत हुई थी। पीएम मोदी के साउथ अफ्रीका दौरे के सरकार ने बयान में बताया था कि दोनों नेताओं के बीच जी20 इंडोनेशिया समिट में सीमा विवाद पर वार्ता हुई थी।

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6 नए देशों को बनाया गया ब्रिक्स का सदस्य, पाकिस्तान को नहीं मिली जगह

ब्रिक्स समिट में इस बार छह नए देशों को न्योता भेजा गया था। इनमें अर्जेंटीना, सऊदी अरब, यूएई, मिस्र, इथियोपिया और ईरान शामिल थे। इन सभी छह देशों को 1 जनवरी 2024 से BRICS का स्थायी सदस्य बनाया गया है। साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने बताया कि पहले फेज की बैठक में इन देशों को संगठन का मेंबर बनने का आमंत्रण दिया गया है। ब्रिक्स समिट में घोषणा पत्र जारी कर भारत और दक्षिण अफ्रीका को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाने की मांग की गई है।

चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात के बारे में विदेश सचिव ने दी जानकारी

विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत हुई। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-चीन सीमा एलएसी और अन्य क्षेत्रों पर अनसुलझे मुद्दों पर भारत की चिंताओं पर प्रकाश डाला। क्वात्रा ने कहा कि पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखना और एलएसी का सम्मान करना भारत-चीन संबंधों को सामान्य बनाने के लिए आवश्यक है। इस संबंध में दोनों नेता अपने संबंधित अधिकारियों को सैनिकों की शीघ्र वापसी और तनाव कम करने के प्रयासों को तेज करने का निर्देश देने पर सहमत हुए। पढ़िए क्या क्या कहा दोनों नेताओं ने…