बंदर सेरी बेगवान में स्थित ऐतिहासिक उमर अली सैफुद्दीन मस्जिद को देखने पहुंचे। मस्जिद में उन्होंने काफी वक्त बिताया और जिम्मेदारों से मुलाकात की।
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पीएम मोदी के मंगलवार को ब्रुनेई पहुंचने पर उनका एयरपोर्ट पर स्वागत किया गया। पीएम मोदी ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने के लिए क्राउन प्रिंस हाजी अल-मुहतादी बिल्लाह को धन्यवाद दिया। उन्होंने एक्स पर लिखा: ब्रुनेई दारुस्सलाम में उतरा। हमारे देशों के बीच मजबूत संबंधों, खासकर वाणिज्यिक और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने की उम्मीद है। मैं क्राउन प्रिंस हिज रॉयल हाइनेस प्रिंस हाजी अल-मुहतादी बिल्लाह को हवाई अड्डे पर मेरा स्वागत करने के लिए धन्यवाद देता हूं
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पीएम मोदी ने कहा कि वह मजबूत द्विपक्षीय संबंधों, खासकर वाणिज्यिक और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए तत्पर हैं।
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ब्रुनेई पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां की राजधानी बंदर सेरी बेगवान में भारतीय उच्चायोग के नए चांसरी का उद्घाटन किया। उन्होंने एक दीप प्रज्वलित किया और एक पट्टिका का अनावरण किया। उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि चांसरी कैंपस भारतीयता की गहन भावना को दर्शाता है। पीएमओ ने बताया कि कैंपस की डिजाइन न केवल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है बल्कि एक शांत और आकर्षक माहौल भी बनाता है।
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पीएम मोदी ने उद्घाटन के समय मौजूद भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत की। उन्होंने दोनों देशों के बीच लाइव ब्रिज के रूप में उनके योगदान की सराहना की। प्रधानमंत्री ने वहां रहने वाले भारतीयों से बताया कि किस तरह उन लोगों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने में मदद की।
ब्रुनेई में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं। 1920 के दशक में जब ब्रुनेई में तेल भंडार की खोज होनी शुरू हुई तो भारतीयों के वहां जाने का सिलसिला शुरू हुआ। वर्तमान में लगभग 14,000 भारतीय ब्रुनेई में रह रहे हैं। ब्रुनेई के स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में भारतीय डॉक्टर्स और टीचर्स हैं।
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पीएम मोदी से मिलने पहुंचे भारतीयों में एक बच्ची ने उनको पेंटिंग दिखाई। पेंटिंग में तिरंगा और बच्ची के साथ प्रधानमंत्री थे। तिरंगा लहराते हुए लोगों ने प्रधानमंत्री के लिए जयकारे लगाए।
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