पोलियो वायरस ने दी फिर दस्तक, संक्रमण के मामले सामने आने के बाद अमेरिका में जारी हुआ अलर्ट

Published : Sep 15, 2022, 06:41 PM ISTUpdated : Sep 15, 2022, 06:50 PM IST
पोलियो वायरस ने दी फिर दस्तक, संक्रमण के मामले सामने आने के बाद अमेरिका में जारी हुआ अलर्ट

सार

Polio Virus: पोलियो को दुनिया से खत्म मान लिया गया था। कहीं भी पोलियो के केस सामने नहीं आ रहे थे। हालांकि, अचानक से न्यूयार्क में एक पोलियो केस मिलने से हड़कंप मच है। पोलियो की वजह से अमेरिका में कई हजार मौतें हो चुकी है। पोलियो का पहला केस 1952 में अमेरिका में आया था।

Polio Virus: कोरोना महामारी से जूझ रही दुनिया में एक और खतरे की घंटी बजी है। एक बार फिर पोलियो वायरस लौट आया है। अमेरिका के न्यूयार्क में पोलियो के मामले फिर से सामने आने के बाद हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। यहां व्यापक पैमाने पर पोलियो वैक्सीनेशन को शुरू करने का आदेश दिया गया है। अमेरिकी हेल्थ डिपार्टमेंट ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि पोलियो वायरस के यह केस काफी घातक हो सकते हैं। अधिक से अधिक एहतियात बरतने की जरुरत है। लापरवाही से आने वाले दिनों में यह महामारी का रूप लेकर जान लेने लगेगा। पोलियो वायरस का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों पर ही है। स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि अधिक से अधिक वैक्सीनेशन पर फोकस किया जाना चाहिए। 

अमेरिका में मिला है पहला केस

दरअसल, पोलियो को दुनिया से खत्म मान लिया गया था। कहीं भी पोलियो के केस सामने नहीं आ रहे थे। हालांकि, अचानक से न्यूयार्क में एक पोलियो केस मिलने से हड़कंप मच है। यह इस दशक का पहला पोलियो केस है। यहां एक व्यक्ति में पोलियो के वायरस मिले हैं। पोलियो का केस मिलते ही न्यूयार्क में हेल्थ इमरजेंसी लगा दी गई है। न्यूयार्क प्रशासन ने कहा कि 9 अक्टूबर तक हेल्थ इमरजेंसी लगी रहेगी। हम कोई भी लापरवाही पोलियो को लेकर नहीं चाहते हैं। इस दौरान जब 90 प्रतिशत को पोलियो वैक्सीन की एक डोज दे दी जाएगी तो 9 अक्टूबर को हेल्थ इमरजेंसी हटा दी जाएगी।

पोलियो से अमेरिका में हो चुकी है साढ़े तीन हजार से अधिक मौतें

पोलियो की वजह से अमेरिका में कई हजार मौतें हो चुकी है। पोलियो का पहला केस 1952 में अमेरिका में आया था। उस दौर में करीब 58000 लोगों में पोलियो के वायरस मिले थे। पोलियो ने यहां 3145 लोगों की जान ले ली थी जबकि हजारों लोग पोलियोग्रस्त हो गए थे। इस बीमारी से निजात पाने के लिए अमेरिका ही नहीं पूरे विश्व में व्यापक स्तर पर पोलियो के खिलाफ अभियान चलाया गया था। हालांकि, वैक्सीनेशन के बाद कई दशक तक कोई केस पोलियो के नहीं आए। कभी कभार कोई केस सामने आते तो उस पर काबू पा लिया गया था। लेकिन एक बार फिर अमेरिका में पोलियो ने दस्तक दे दी है।

पोलियो का क्या कारण है?

पोलियो एक वायरल बीमारी है। पोलियो वायरस, गले और आंतों को संक्रमित करते हैं और यह फ्लू जैसे लक्षण के साथ सामने आते हैं। यह बच्चों या एडल्ट्स के दिमाग व रीढ़ की हड्डी में तेजी से फैलते हैं, जिसकी वजह से पैरालसिस होने का खतरा रहता है।

कैसे फैलता है पोलियो ?

  • पोलियो खांसने या छींकने या किसी संक्रमित व्यक्ति के स्टूल से हवा के माध्यम से भी फैल सकता है। 
  • बाथरूम जाने के बाद या मल को छूने के बाद हाथ न धोना (जैसे डायपर बदलना)।
  • गंदा पानी पीना।
  • गंदे पानी से बने खाने पीने के सामान से।
  • संक्रमित पानी में तैरना। 
  • खांसना या छींकना।
  • पोलियो वाले किसी व्यक्ति के निकट संपर्क में रहना।

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