पोप फ्रांसिस का अंतिम संस्कार, 10 तस्वीरों में देखें कैसे दुनिया ने कहा अलविदा

Published : Apr 26, 2025, 07:55 PM IST

वेटिकन में शनिवार को पोप फ्रांसिस का भव्य अंतिम संस्कार किया गया। इस कार्यक्रम में दुनिया भर से करीब 5 लाख लोग आए। 21 अप्रैल को 88 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था। 

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पोप फ्रांसिस के निधन से कैथोलिक जगत में शोक की लहर फैल गई थी। वेटिकन में कई दिनों तक धार्मिक अनुष्ठान हुए। पोप फ्रांसिस का अंतिम संस्कार वेटिकन सिटी के सेंट पीटर स्क्वायर में हुआ। उसके बाद उनके ताबूत को मोटर काफिले द्वारा रोम के डाउनटाउन से होते हुए उस स्थान पर ले जाया गया, जहां वे अपनी इच्छा के अनुसार बेसिलिका डी सांता मारिया मैगीगोर में एक साधारण भूमिगत कब्र में आराम करना चाहते थे।

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पोप फ्रांसिस को जिस चर्च में दफनाया गया वह उनकी पसंदीदा प्रतिमा वर्जिन मैरी का घर है। इसके प्रति वे विशेष रूप से समर्पित थे।

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50 से ज्यादा देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने अंतिम संस्कार में भाग लिया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की, भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मन राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टीनमीयर, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा आए।

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इतालवी कार्डिनल जियोवानी बतिस्ता रे ने पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में उनके पसंदीदा राजनीतिक विषयों को दोहराया। इसे विश्व के नेता सुन रहे थे। इनमें इमिग्रेशन, जलवायु परिवर्तन और करुणा शामिल थे। कार्डिनल रे संदेश दोहराया जो पोप ने लगभग एक दशक पहले डोनाल्ड ट्रंप को दिया था, 'पुल बनाएं, दीवारें नहीं'।

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पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में करीब 5 लाख लोग शामिल हुए। हजारों लोग पोप के जुलूस के दौरान रोम की सड़कों पर कतारों में खड़े थे।

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अंतिम संस्कार की प्रक्रिया 2 घंटे और 10 मिनट तक चली। इसके बाद ताबूत को सेंट पीटर बेसिलिका ले जाया गया। यहां से अंतिम विश्राम स्थल तक जुलूस निकाला गया।

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पोप हर विदेश यात्रा से पहले और बाद में इसी चर्च बेसिलिका डी सांता मारिया मैगीगोर में प्रार्थना करते थे। उन्हें रोम में एक भूमिगत कब्र में दफनाया गया।

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पोप फ्रांसिस एक सदी से भी ज्यादा समय में वेटिकन के बाहर दफन होने वाले पहले पोप बन गए हैं। कहा जाता है कि उनकी कब्र एक साधारण जगह है। यह उनके पूर्ववर्तियों की बड़ी दफन जगहों की परंपरा को तोड़ती है।

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पोप फ्रांसिस को अनियंत्रित पूंजीवाद के खिलाफ बोलने, जलवायु कार्रवाई की वकालत करने और गरीबों की मदद करने के लिए सराहा गया था।

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अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम सेंट पीटर बेसिलिका में तीन दिनों तक चले। इस दौरान सार्वजनिक दर्शन के लिए पोप के पार्थिव शरीर को रखा गया था। उन्हें 250,000 से ज्यादा लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

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