दिसंबर में भारत आएंगे व्लादिमीर पुतिन, हो सकते हैं हथियारों के बड़े सौदे

Published : Aug 29, 2025, 11:14 PM IST
Vladimir Putin and Narendra Modi

सार

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिसंबर में भारत आएंगे। यह यात्रा ऐसे समय होने वाली है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। पुतिन की यात्रा के दौरान भारत रूस के साथ हथियारों के बड़े सौदे कर सकता है।

Vladimir Putin India visit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिसंबर में भारत की यात्रा पर आ सकते हैं। न्यूज एजेंसी एएफपी ने क्रेमलिन के अधिकारियों के हवाले से यह खबर दी है। यह यात्रा ऐसे समय होगी जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत पर रूसी तेल नहीं खरीदने के लिए दबाव डाल रहे हैं। उन्होंने भारतीय सामानों पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है।

1 सितंबर को चीन में व्लादिमीर पुतिन से मिलेंगे नरेंद्र मोदी

क्रेमलिन ने पहले घोषणा की थी कि पुतिन ने मई में भारत आने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। दोनों पक्षों ने अभी तक तारीख तय नहीं की है। पुतिन की दिसंबर यात्रा की खबर ऐसे समय में आई है जब पीएम मोदी 1 सितंबर को चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति से मिलने वाले हैं।

रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार भारत आएंगे पुतिन

2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से पुतिन पहली बार भारत आने वाले हैं। ट्रंप के टैरिफ के उनकी यात्रा का महत्व और अधिक बढ़ गया है। अमेरिका के साथ भारत के संबंध तनावपूर्ण हो रहे हैं। वहीं, रूस और चीन के साथ जुड़ाव बढ़ रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाया है 50% टैरिफ

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में रूस से तेल खरीदने के चलते भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया था। इससे कुल शुल्क बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है। भारत सरकार ने वाशिंगटन के इस कदम की कड़ी आलोचना की है। कहा है कि यह दोहरा मापदंड है। रूस से सबसे अधिक तेल चीन खरीदता है, उसपर इतना अधिक टैरिफ नहीं लगाया गया है। यूरोप के देश रूस के साथ कारोबार कर रहे हैं। अमेरिकी दबाव के बावजूद भारत ने रूस के साथ अपने तेल व्यापार को रोकने का कोई संकेत नहीं दिया है।

रूस ने किया है भारत का समर्थन

रूस ने भारत का समर्थन करते हुए अमेरिकी टैरिफ कदम को अनुचित और दोहरा मापदंड बताया है। रूसी दूतावास ने कहा कि यदि भारतीय सामान अमेरिकी बाजार में नहीं जा सकते, तो वे रूस जा सकते हैं।

यह भी पढ़ें- भारत-चीन मिलकर काम करें तो वैश्विक अर्थव्यवस्था में आएगी स्थिरता, जापान से पीएम मोदी ने दिया बड़ा संदेश

पुतिन की यात्रा के दौरान हो सकते हैं बड़े सौदे

पुतिन की यात्रा के दौरान भारत रूस के साथ हथियारों की खरीद के लिए बड़े सौदे कर सकता है। भारत को पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की जरूरत है। अतिरिक्त S 400 सिस्टम खरीदे जाने हैं। रूस लंबे समय से भारत का सबसे बड़ा रक्षा साझेदार रहा है। यह संबंध सोवियत काल से चले आ रहे हैं। पुतिन की आगामी यात्रा में आर्थिक और ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी।

PREV

अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ग्लोबल इकोनॉमी, सुरक्षा मुद्दों, टेक प्रगति और विश्व घटनाओं की गहराई से कवरेज पढ़ें। वैश्विक संबंधों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठकों की ताज़ा रिपोर्ट्स के लिए World News in Hindi सेक्शन देखें — दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सही तरीके से, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

How Sergio Gor revived Trump-Modi ties, restored momentum: Al Mason
Operation Amistad: India boosts aid to quake-hit Venezuela as toll rises