यमुना में जहर पर केजरीवाल के झूठ को उजागर करता है ये डेटा

Published : Jan 29, 2025, 10:35 PM ISTUpdated : Jan 29, 2025, 10:38 PM IST
yamuna

सार

यमुना प्रदूषण पर दिल्ली और हरियाणा सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति का आंकड़ा जारी किया है। इसके मुताबिक, प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ता जा रहा है।

यमुना नदी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर दिल्ली की राजनीति गर्माई हुई है। आरोप प्रत्यारोपों के बीच तथ्य ये है कि यमुना दिल्ली में दाखिल होने तक साफ होती है और जब यहाँ से निकलती है तो उसका पानी बेहद प्रदूषित हो जाता है। भाजपा नेताओं ने आम आदमी पार्टी सरकार पर यमुना की सफाई में लापरवाही और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर यमुना नदी के पानी में जहर मिलाने का आरोप लगाया था। इसके बाद हरियाणा सरकार ने कानूनी कार्रवाई की है। सोनीपत के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने केजरीवाल को नोटिस जारी कर 17 फरवरी को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आरोपों को किया खारिज

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केजरीवाल के आरोपों को खारिज करते हुए यमुना का पानी पीकर यह साबित कर दिया कि पानी में कोई जहर नहीं है। उन्होंने कहा, “यमुना के पानी की जांच की गई है और उसमें किसी भी प्रकार का जहर नहीं पाया गया है।

 

 

प्रदूषण का स्तर ले रहा खतरनाक रूप

यमुना नदी, जो हरियाणा से दिल्ली में प्रवेश करती है। दिल्ली में आने के बाद यमुना तेजी से प्रदूषित होती जा रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में नदी के प्रवेश बिंदु पल्ला पर बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) का स्तर 2 मिलीग्राम प्रति लीटर है, जबकि अमोनिया का स्तर 5.5 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज किया गया है। लेकिन जैसे-जैसे यमुना नदी दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरती है, प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ता जा रहा है।

वज़ीराबाद में BOD का स्तर 7 मिलीग्राम प्रति लीटर हो जाता है, जबकि आईएसबीटी ब्रिज पर यह आंकड़ा 47 मिलीग्राम प्रति लीटर तक पहुंच जाता है। आईटीओ ब्रिज और ओखला बैराज में यह क्रमशः 30 और 44 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज किया गया। सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा असगरपुर निकास बिंदु का है, जहां BOD का स्तर 85 मिलीग्राम प्रति लीटर और अमोनिया का स्तर 56.1 मिलीग्राम प्रति लीटर तक पहुंच जाता है।

यह भी पढ़ें: हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने पिया यमुना का पानी, बोले- कोई जहर नहीं मिला

अमोनिया की बढ़ती मात्रा चिंता का विषय

विशेषज्ञों के अनुसार, BOD का उच्च स्तर पानी की गुणवत्ता को खराब करता है और इसे जलीय जीवन के लिए अनुपयोगी बना देता है। अमोनिया की बढ़ती मात्रा जल प्रदूषण के लिए गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि यह पानी को विषैला बना देती है।

यह आंकड़े दिल्ली सरकार की जल शुद्धिकरण व्यवस्था की विफलता को दर्शाते हैं। यमुना को साफ करने के लिए कई योजनाएं चलाई गईं, लेकिन नदी की स्थिति बदतर होती जा रही है। पर्यावरणविदों का कहना है कि अगर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यमुना दिल्ली में सिर्फ एक गंदे नाले के रूप में ही रह जाएगी।

 

PREV

अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ग्लोबल इकोनॉमी, सुरक्षा मुद्दों, टेक प्रगति और विश्व घटनाओं की गहराई से कवरेज पढ़ें। वैश्विक संबंधों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठकों की ताज़ा रिपोर्ट्स के लिए World News in Hindi सेक्शन देखें — दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सही तरीके से, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories

ईरान ने ठुकराई पाकिस्तान की मध्यस्थता? परमाणु डील बैठक से दूरी, आसिम मुनीर की कूटनीति फेल
Iran War Explainer: 1 मई की डेडलाइन, 50 साल पुराना कानून कैसे बना डोनाल्ड ट्रंप के गले की फांस?